
जो नेता नाथूसरी चौपटा में लोगो को सेमनाले ओर पानी से बचाने की बात कर रहे थे..वो अब राजस्थान में पानी जाने का विरोध कर रहे है..
सरकार द्वारा एक वैकल्पिक व्यवस्था की गई है कि अगर एक दम से पानी ज्यादा आता है या कोई अनहोनी होती है तो बरसात का पानी नहर में डाला जाए...
पर ना ये नेता तो धरना जरूर देंगे...मतलब इतना दोगला पन कहा से लाते हो यार..
कॉमरेड बलवान पुनिया ने कहा था कि इससे एक शाखा निकाल कर राजस्थान की भूमि को सिंचित करेंगे...
पर अब कह रहे है कि पानी नहर में नही डालने देंगे...
मतलब राजनीति रोटी सेंकनी है...हे नेताओ आपके लिए जनता सिर्फ वोट है
लेकिन जिस नहर में गन्दा पानी डालकर हम जिनको केंसर की बीमारी कर रहे है वो हमारे नानके वाले है हमारी बहन की ससुराल है हमारे भाई की ससुराल है हमारी बेटियों की ससुराल है...वहां हमारा भी खून का रिश्ता है..अगर वो यहां चौपटा में मरेंगे तो फिर नोहर में जिंदा रहकर भी क्या करेंगे खून तो एक ही है ना...क्योकि हमारा रिस्ता रोटी बेटी का है..
तुम लोगो को जूठी बातों में बहला फुसला कर क्यो गुमराह कर रहे हो...
में किसान के घर मे जन्मा हु...ओर नेता कैसा हु ये आपको पता है..
कुछ काम हो रहे है वो हो जाने दो...सारा दिन ऐसे नही करना चाहिए
थान बननो है विधायक... ओर हमे बचानी है जान
तो लोगो समझो इस खेल को...
पत्रकार सतबीर सहारण
Sirsa, Sirsa | Jun 28, 2026