
*छह माह की साइबर जंग: फतेहाबाद पुलिस ने 110 साइबर अपराधियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे*
*– ठगी के शिकार लोगों को 83 लाख 44 हजार रुपये से अधिक की राशि वापस दिलाकर लौटाया भरोसा*
*– करीब 60 लाख रुपये कीमत के 190 गुम मोबाइल CEIR पोर्टल के माध्यम से बरामद*
*– विदेश में बैठे एक्सटॉर्शन कॉल करने वाले अपराधियों पर भी सख्ती, अभेद्य ऐप के जरिए निगरानी*
*– सोशल मीडिया पर हथियारों व भ्रामक सामग्री का प्रदर्शन करने वाले 54 अकाउंट बंद, 412 लोगों को करवाया गया अनफॉलो*
*– कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर, जिलेभर में 170 कार्यक्रम आयोजित*
फतेहाबाद, 06 अक्टूबर। साइबर ठगी का शिकार व्यक्ति जब अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठता है तो उसकी सबसे बड़ी उम्मीद यही होती है कि उसकी राशि वापस मिले और ठगी करने वाला कानून की गिरफ्त में आए। बीते छह माह में फतेहाबाद पुलिस ने इसी उम्मीद को हकीकत में बदलने की दिशा में प्रभावी कार्य किया है।
01 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक *पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* के नेतृत्व में फतेहाबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ तकनीक, त्वरित कार्रवाई और जागरूकता—तीनों स्तरों पर प्रभावी ढंग से काम किया। परिणामस्वरूप एक ओर साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर ठगी के शिकार लोगों को उनकी राशि वापस दिलाकर बड़ी राहत पहुंचाई गई।
*छह माह में 110 साइबर अपराधी गिरफ्तार*
फतेहाबाद साइबर पुलिस ने छह माह के दौरान अलग-अलग साइबर अपराधों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 110 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल फुटप्रिंट तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
कई मामलों में साइबर अपराध के तार जिले एवं प्रदेश की सीमाओं से बाहर तक जुड़े मिले, लेकिन पुलिस टीमों ने तकनीकी जांच और लगातार कार्रवाई के आधार पर आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें कानून के शिकंजे में लिया।
*विदेश में बैठे एक्सटॉर्शन कॉल करने वाले अपराधियों पर भी सख्ती*
फतेहाबाद पुलिस द्वारा साइबर अपराध एवं एक्सटॉर्शन कॉल करने वाले अपराधियों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभेद्य ऐप 890 के माध्यम से जिलेभर के प्रतिष्ठित व्यक्तियों एवं आमजन के मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की घटना होने पर पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सके तथा संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
पुलिस का उद्देश्य तकनीक का इस्तेमाल करते हुए विदेश में बैठकर एक्सटॉर्शन कॉल करने वाले तथा अन्य साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और शिकायत प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
*पीड़ितों की रकम वापस दिलाना रही बड़ी प्राथमिकता*
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ फतेहाबाद पुलिस ने पीड़ितों की मेहनत की कमाई वापस दिलाने को भी प्राथमिकता दी। पिछले छह माह के दौरान साइबर ठगी के शिकार लोगों को कुल 83 लाख 44 हजार 194 रुपये की राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की गई।
इन मामलों में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय रहते शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 52 लाख 82 हजार 495 रुपये की राशि होल्ड करवाकर पीड़ितों के खातों में वापस दिलवाई गई।
इसके अतिरिक्त दर्ज साइबर अभियोगों की जांच करते हुए आरोपियों से 30 लाख 61 हजार 699 रुपये की राशि बरामद करने में भी पुलिस को सफलता मिली। पुलिस की कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि पीड़ितों को आर्थिक राहत पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
*35 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप भी बरामद*
साइबर अपराधों की जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से 35 मोबाइल फोन और 3 लैपटॉप भी बरामद किए गए। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों ने कई मामलों की कड़ियां जोड़ने और साइबर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।
*190 गुम मोबाइल मिले तो चेहरों पर लौटी मुस्कान*
फतेहाबाद पुलिस की साइबर मुहिम का एक मानवीय पहलू गुम हुए मोबाइल फोन उनके मालिकों तक वापस पहुंचाने में भी सामने आया। पुलिस द्वारा CEIR पोर्टल के माध्यम से करीब 60 लाख रुपये कीमत के 190 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। इस अभियान से जहां लोगों को आर्थिक राहत मिली, वहीं पुलिस के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत हुआ।
*सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर*
*पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने बताया कि सोशल मीडिया पर अपराधिक किस्म के शरारती तत्वों तथा भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले अकाउंट्स पर भी पुलिस की पैनी नजर है।
उन्होंने बताया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने तथा भ्रामक सामग्री डालकर अपनी टीआरपी बढ़ाने के प्रयास करते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। 01 अप्रैल 2026 से अब तक 54 अपराधिक किस्म के सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान कर उन्हें बंद करवाया गया है, जबकि 412 लोगों को अनफॉलो करवाया गया है, ताकि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार की भ्रामक एवं झूठी सूचना का प्रसार न हो।
पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखते हुए ऐसे अकाउंट्स की पहचान की जा रही है, जो युवाओं को प्रभावित करने, हथियारों का महिमामंडन करने अथवा समाज में भ्रम की स्थिति पैदा करने वाली सामग्री प्रसारित कर रहे हैं।
*170 कार्यक्रमों से दिया साइबर सुरक्षा का संदेश*
*पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर* का मानना है कि साइबर अपराध रोकने के लिए अपराधियों की गिरफ्तारी जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी आमजन की जागरूकता भी है। इसी उद्देश्य से छह माह के दौरान जिलेभर में 170 साइबर जागरूकता कार्यक्रम एवं नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं।
स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों एवं आमजन को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक कॉल, OTP-CVV फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड तथा निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के तरीकों से अवगत करवाते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए गए।
*साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत : एसपी*
*पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठगी का पता चलते ही बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं। जितनी जल्दी शिकायत पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है, ठगी की राशि को होल्ड करवाने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ फतेहाबाद पुलिस की कार्रवाई पूरी सख्ती और तेजी के साथ जारी रहेगी। पुलिस का प्रयास है कि साइबर अपराधी कानून की पकड़ से बच न सकें और आमजन की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध, भ्रामक प्रचार एवं हथियारों के प्रदर्शन को बढ़ावा देने वाले तत्वों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।