
छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में नए 'केते एक्सटेंशन' कोल ब्लॉक के आवंटन से स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित इस 18.42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में खनन से ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाली रामगढ़ पहाड़ी का अस्तित्व खतरे में है। खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण इस प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत में जगह-जगह दरारें आने लगी हैं, जिससे लाखों लोगों की आस्था को ठेस पहुँच रही है।
इस संवेदनशील मुद्दे पर छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि रामगढ़ उनकी श्रद्धा का बड़ा केंद्र है और वे पिछले 50 वर्षों से लगातार वहाँ जा रहे हैं। मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी भी खनन गतिविधि से रामगढ़ पर्वत को कोई नुकसान पहुँचता है, तो चाहे कोई भी कंपनी उत्खनन कर रही हो, उसे तत्काल प्रभाव से रोका जाएगा।
#HasdeoAranya #SaveRamgarhHills #ChhattisgarhNews #Ambikapur #EnvironmentProtection #HasdeoBachao #CultureAndHeritage #Surguja #EcoSystem #FatafatNews