
हालसा ने राज्यव्यापी पोक्सो जागरूकता अभियान के जरिए 3.10 लाख से ज्यादा छात्रों तक पहुँच बनाई
पंचकूला, 21 अगस्त : कानूनी साक्षरता एवं बचाव के लिए जागरूकता के माध्यम से बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हालसा) ने न्यायमूर्ति दीपक सिबल, न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में एक व्यापक राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उददेश्य बच्चों को ’’यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012’’ (पोक्सो एक्ट) के प्रावधानों, नतीजों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जागरूक करना है।
13 मई 2026 को शुरू हुए इस अभियान को जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (डीएलएसए) के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों, स्कूल प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, स्कूल-प्रशासन और अन्य संबंधित लोगों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जागरूकता का एक ऐसा माहौल बनाना है जिसमें बच्चे अपने अधिकारों, अपनी सुरक्षा, जिम्मेदार व्यवहार और सुरक्षा व मदद के लिए उपलब्ध कानूनी तरीकों के बारे में जानकारी पा सकें।
इस अभियान के तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुँच बनाई गई है। 13 मई 2026 से 15 अगस्त 2026 के बीच, 1,731 स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में 2,296 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 3,10,841 छात्रों को पोक्सो एक्ट और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया।
इन कार्यक्रमों को पारंपरिक भाषणों से नहीं बल्कि स्थानीय भाषा में तैयार किया गया ताकि आसानी से समझा जा सके तथा इनमें बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित व्यवहार, टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल, साइबर सुरक्षा, शोषण और दुर्व्यवहार से बचाव, और अपराधों की रिपोर्ट करने व मदद पाने के तरीकों पर बातचीत और उम्र के हिसाब से अवगत कराया गया।
यह अभियान पोक्सो एक्ट के तहत होने वाले अपराधों के व्यापक नतीजों पर भी ध्यान देता है, जिसमें बच्चों और युवाओं की शिक्षा, करियर, पारिवारिक जीवन और सामाजिक भलाई पर पड़ने वाले संभावित असर शामिल हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना नहीं है, बल्कि बच्चों को अनजाने में ऐसी स्थितियों में पड़ने से बचाना है जहाँ वे शोषण, दुर्व्यवहार या कानून उल्लंघन का शिकार हो सकते हैं।
यह पहल हालसा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत बचावकारी कानूनी शिक्षा, बाल संरक्षण और न्याय तक पहुँच को बढ़ावा दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को कानूनी मदद की जरूरत पड़ने वाली स्थितियों का सामना करने से पहले ही जानकारी देकर सशक्त बनाना है।