छतरपुर के तालाब आखिर किसके हैं?
क्या ये तालाब हिंदुओं के हैं, मुसलमानों के हैं, सिखों के हैं, ईसाइयों के हैं?
क्या ये सामान्य, अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग या किसी एक वर्ग विशेष के हैं?
क्या ये BJP, Congress, समाजवादी, आज़ाद पार्टी या AAP के हैं?
नहीं।
तालाब हम सभी के हैं। ये हमारी आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं, शहर की जीवनरेखा हैं और पर्यावरण का आधार हैं।
यदि आज हम तालाबों पर हो रहे अतिक्रमण, प्रदूषण और विनाश के खिलाफ आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो कल अपने बच्चों को यह जवाब नहीं दे पाएंगे कि उनकी प्राकृतिक विरासत को बचाने के लिए हमने क्या किया था।
पानी, पर्यावरण और प्रकृति किसी धर्म, जाति या राजनीतिक दल की नहीं होती। इनकी रक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
"पर्यावरण ही जीवन है, और तालाब जीवन का आधार हैं।"
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