
मां के निधन के एक माह बाद भी नहीं टूटा हौसला, बरहज के आदित्य ने पहले ही प्रयास में BPSC फतह कर रचा इतिहास
#देवरिया/बरहज। कहते हैं कि कठिन परिस्थितियां इंसान को तोड़ती नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाती हैं। बरहज नगर पालिका क्षेत्र के गौरा निवासी आदित्य कुमार मिश्र "ऋषभ" ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। मां के आकस्मिक निधन के गहरे दुख के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पहले ही प्रयास में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार, गांव और पूरे देवरिया जिले का गौरव बढ़ाया है।
शुरुआत से ही मेधावी रहे आदित्य ने सीबीएसई बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। इसके बाद मुंबई यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बी.ई. प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाना था, जिसके लिए उन्होंने लगातार संघर्ष किया और दो बार यूपीएससी मुख्य परीक्षा तक पहुंचे। हालांकि कुछ अंकों से चयन नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
आदित्य के जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा तब आई जब बीपीएससी मुख्य परीक्षा से मात्र एक माह पहले उनकी माता स्वर्गीय बिंदु मिश्र का आकस्मिक निधन हो गया। इस दुखद घटना ने उनकी तैयारी को प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने साहस और धैर्य का परिचय देते हुए खुद को संभाला और सफलता हासिल कर अपनी दिवंगत मां को सच्ची श्रद्धांजलि दी।
आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय मां दुर्गा की कृपा, दिवंगत माता के आशीर्वाद, पिता प्रो. अजय कुमार मिश्र के मार्गदर्शन तथा परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि मां के जाने के बाद पिता ने माता और पिता दोनों की भूमिका निभाते हुए हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
आदित्य के पिता प्रोफेसर अजय कुमार मिश्र स्थानीय बी.आर.डी.-बी.डी. पीजी कॉलेज आश्रम के पूर्व प्राचार्य रह चुके हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार, शुभचिंतकों और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
उनकी सफलता पर पूर्व आईएएस सी.पी. मिश्र, सांसद डॉ. आनंद गौड़, विधायक दीपक मिश्र शाका, पूर्व विधायक संजय यादव सहित अनेक शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
आदित्य की यह सफलता उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को छोड़ना नहीं चाहते। संघर्ष कितना भी बड़ा हो, यदि इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।