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*भविष्य की खेती की ओर बड़ा कदम, धान की सीधी बिजाई योजना से जुड़े अधिक से अधिक किसान: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ* *28 जून तक करें आवेदन, धान की सीधी बिजाई योजना से किसानों को मिलेगा 4500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान* *जल संरक्षण के साथ बढ़ेगी किसानों की आय, धान की सीधी बिजाई अपनाने का सुनहरा अवसर* *धान की सीधी बिजाई से कम लागत, अधिक लाभ; अंतिम तिथि 28 जून, किसान न चूकें मौका* हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) योजना किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ-साथ जल संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए 28 जून तक अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। उपायुक्त डॉ हरीश ने बताया कि योजना के तहत पात्र किसानों को 'मेरी फसल, मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है तथा भौतिक सत्यापन के बाद 4500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान प्रदान किया जाएगा। उपायुक्त डॉ. हरीश ने बताया कि हरियाणा में तेजी से घटते भूजल स्तर को देखते हुए धान की सीधी बिजाई समय की आवश्यकता बन चुकी है। यह योजना केवल अनुदान तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की लागत कम करने, पानी बचाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा, "धान की सीधी बिजाई योजना किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली योजना है। इससे सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता पड़ती है, श्रम और उत्पादन लागत में कमी आती है तथा समय की भी बचत होती है। उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की आर्थिक सहायता देकर उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मैं जिले के सभी किसानों से आग्रह करता हूं कि वे 28 जून तक अपना पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि कोई भी पात्र किसान इस लाभकारी योजना से वंचित न रहे।" उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और धान की सीधी बिजाई इस दिशा में अत्यंत प्रभावी तकनीक है। इससे भूमिगत जल का संरक्षण होगा, पर्यावरण को लाभ मिलेगा और खेती अधिक टिकाऊ बनेगी। जिला कृषि उपनिदेशक (डीडीए) डॉ. बलवंत सहारण ने बताया कि धान की सीधी बिजाई किसानों के लिए आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद लाभदायक है। इस तकनीक में खेत की तैयारी के बाद सीधे बीज बोए जाते हैं, जिससे रोपाई की आवश्यकता नहीं पड़ती और किसानों का समय, श्रम तथा खर्च तीनों कम होते हैं। उन्होंने बताया कि "धान की सीधी बिजाई अपनाने वाले किसानों को कम पानी, कम मजदूरी और कम लागत में बेहतर खेती करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही सरकार द्वारा 4500 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक संबल है। कृषि विभाग के सहायक अभियंता सुधीर ने बताया कि यह योजना जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। कृषि विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रहा है ताकि वे इस आधुनिक तकनीक का अधिकतम लाभ उठा सकें।" उपायुक्त ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे 28 जून तक 'मेरी फसल, मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण कराकर इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ अवश्य उठाएं। ध्यान रहे कि इस योजना के संदर्भ में अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के अधिकारियों अथवा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं।

Panipat, Panipat | Jun 28, 2026

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अगर नहर में लड़का-लड़की ने लगाई छलांग...
नहर किनारे खड़ी मिली कार, मौके पर पहुची पुलिस और फॉरेंसिक टीम part-2
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Panipat, Panipat | Jul 11, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात तक ली वीडियो कॉन्फ्रेंस।* 

 प्रदेश के सभी उपायुक्तों से की बात।

उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को कराया परिस्थितियों से अवगत, कहा शहर में जल भराव की नहीं आएगी समस्या।

पानीपत 11 जुलाई– मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों से बात की और मानसून को देखते हुए प्रशासन से सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव, बाढ़ तथा अन्य संभावित आपदाओं से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
        वीडियो कांफ्रेंस में डीसी डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शहर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और कहा कि शहर की मुख्य ड्रेनेज की सफाई करवा दी गई है। यमुना क्षेत्र से लगते तटबंध और गांव का भी निरीक्षण किया गया है और लोगों को एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। वे स्वयं भी बारिश के मौसम को देखते हुए विभिन्न स्थानों का दौरा कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस समय अलर्ट रहें।
           उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने वीडियो कांफ्रेंस के बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में नालों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की निरंतर उपलब्धता, सड़क मार्गों की निगरानी तथा स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगर निकाय के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करने तथा नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव दल, आवश्यक उपकरण, नावें, पंपिंग सेट तथा अन्य संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के लिए कहा गया। साथ ही उन्होंने नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।
      डीसी ने यमुना क्षेत्र से लगते सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से यमुना में ना जाएं और ना ही नहाए। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि ज्यादा वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या नियंत्रण कक्ष को दें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास एवं जनसहयोग से मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा। बैठक में निगम आयुक्त डॉ पंकज यादव, जिला परिषद की सीईओ डॉक्टर किरण सिंह, एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप सिंह,एसडीएम समालखा अमित कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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Panipat, Panipat | Jul 11, 2026