
अब 2 व्यक्तियों के नेत्रदान से 2 से 5 नेत्रहीनों के जीवन में उजाला संभव- शशिकांत
41वें नेत्रदान पखवाड़े में नेशनल डिग्री कालेज चुवाड़ियांवाली में सैमीनार आयोजित
फाजिल्का,10 सितंबर(सोनू वर्मा): संसार छोड़कर जाने वाले किसी भी व्यक्ति की 2 आंखें दान किए जाने से अब 2 से 5 व्यक्तियों की कोर्नियल नेत्रहीनता दूर की जा सकती है। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि अब चिकित्सा विज्ञान में उल्लेखनीय प्रगति हो चुकी है और पहले जहां 2 आंखें दान किए जाने से मात्र 2 लोगों की ही कोर्नियल नेत्रहीनता दूर हो सकती थी अब यह संख्या 5 तक बढ़ गई है। यह जानकारी सोशल वैल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष शशिकांत ने स्वास्थ्य विभाग फाजिल्का के सहयोग से नगर से 6 किलोमीटर दूर गांव चुवाड़ियांवाली में स्थित नेशनल डिग्री कालेज में आयोजित सैमीनार में दी। 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान नेत्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए आज एक विशेष सेमीनार का आयोजन कालेज की प्रिंसिपल डा. रचना महिरोक तथा सोसायटी के शिष्टमंडल जिसमें अध्यक्ष शशिकांत, नेत्रदान प्रोजेक्ट चेयरमैन रवि जुनेजा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष चरनजीत कौर मैनी, भारत भूषण गर्ग तथा मूल रूप से फाजिल्का निवासी स्टेट बैंक के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी रजिंदर कुमार गुप्ता जोकि वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं व स्वास्थ्य विभाग के ब्लाक एक्सटेंशन एजुकेटर दिवेश कुमार तथा मनबीर सिंह तथा कालेज की लेक्चरार सविता कुमारी की उपस्थिति में किया गया। सैमीनार में अपने संबोधन में सोसायटी की चरनजीत कौर मैनी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की आंखें मृत्यू के उपरांत 6 घंटे में दान की जा सकती हैं। यह बहुत ही पुण्य का कार्य है क्योंकि इस दान से नेत्रहीनों के जीवन में उजाला हो सकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान में भले ही बहुत विकास हो चुका है लेकिन अभी तक किसी भी प्रयोगशाला में बनावटी कॉर्निया नहीं तैयार किया जा सका है। एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 15 लाख व्यक्ति कोर्नियल नेत्रहीनता से ग्रसित है जिन्हें प्रतीक्षा है कॉर्निया दान किए जाने की। मंच संचालन सविता कुमारी ने किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों तथा कालेज के उपस्थित स्टाफ को नेत्रदान प्रोत्साहित करने का प्रण दिलाया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि कालेज की प्रिंसिपल डा. रचना महिरोक तथा विशिष्ठ अतिथि रजिंदर कुमार गुप्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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