
_*डीएम ने दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन एवं परीक्षण हेतु अधिकारियों को नामित कर दिए आवश्यक निर्देश*_
_*रायबरेली, 24 जून 2026*_
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जनपद में दिव्यांगता से ग्रसित मूक बधिर, अस्थिबाधित एवं क्लेफ्ट लिप से बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट एवं करेक्टिव सर्जरी कराये जाने हेतु बच्चों के चिन्हांकन, परीक्षण एवं उपचार की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को नामित करते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि 01 जुलाई से 04 जुलाई 2026 तक संबंधित विकास खण्डों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 05 वर्ष तक आयु के दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन एवं प्राथमिक परीक्षण कराया जाएगा। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के माध्यम से 05 वर्ष तक आयु के दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन कराते हुए उन्हें निर्धारित तिथि एवं स्थान पर प्राथमिक जांच हेतु लाने एवं पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्राथमिक जांच के उपरांत पात्र बच्चों को दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं अंतिम परीक्षण के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, रायबरेली ले जायें।
वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं कि वे एमओआईसी के माध्यम से चिन्हित बच्चों का प्राथमिक परीक्षण कराएं तथा जिन बच्चों को कॉक्लियर इम्प्लांट, करेक्टिव सर्जरी अथवा क्लेफ्टलिप उपचार की आवश्यकता हो, उन्हें आगे की जांच एवं परीक्षण हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय भेजें।
इसके पश्चात 07 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, रायबरेली में मेडिकल बोर्ड द्वारा बच्चों का विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षण उपरांत पात्र बच्चों को दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी करेंगे तथा कॉक्लियर इम्प्लांट एवं करेक्टिव सर्जरी के लिए अंतिम सूची तैयार कर जिलाधिकारी एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को समस्त विभागों एवं अधिकारियों के मध्य समन्वय स्थापित कर कार्य पूर्ण करायेंगे।
इसके अतिरिक्त 24 जून 2026 को प्रातः 11 बजे विकास भवन सभागार में जनपद के सभी विकास खण्डों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन संबंधी कार्यों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग बच्चों से संबंधित यह कार्य अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी।