
आग में फंसी युवती को बचाने के लिए जान की परवाह किए बिना कार्यालय में दाखिल हुए चौकी इंचार्ज एएसआई मनोज कुमार, बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का दिया परिचय
*पुलिस अधीक्षक ने प्रशंसा पत्र एवं नगद इनाम देकर किया सम्मानित*
यमुनानगर (राष्ट्रीय कदम) ब्यूरो: पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में जिला पुलिस आमजन की सेवा, सुरक्षा एवं सहयोग के संकल्प के साथ पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से कार्य कर रही है। पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में आमजन की जान बचाने के लिए भी तत्पर रहते हैं। इसी कड़ी में रामपुर पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई मनोज कुमार ने कर्तव्यनिष्ठा और साहस का परिचय देते हुए एक गंभीर अग्निकांड के दौरान मानवता की मिसाल पेश की।
दिनांक 03 मई 2026 को मॉडल कॉलोनी स्थित रमनदीप इंटरप्राइजेज के कार्यालय में अचानक आग लग गई थी। आग लगने की सूचना मिलने पर रामपुर पुलिस चौकी इंचार्ज एएसआई मनोज कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उस समय फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंच चुकी थी और आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा था। आग काफी तेजी से फैल रही थी और परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम को जानकारी मिली कि कार्यालय के अंदर एक लड़की मौजूद है और वह बेहोशी की हालत में पड़ी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसआई मनोज कुमार ने बिना अपनी जान की परवाह किए साहसपूर्वक कार्यालय के अंदर प्रवेश किया। उन्होंने बेहोश पड़ी लड़की को बाहर निकाला और तत्काल एंबुलेंस की सहायता से उसे सरकारी अस्पताल यमुनानगर भिजवाया गया। हालांकि चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद लड़की को बचाया नहीं जा सका।
इस घटना के दौरान एएसआई मनोज कुमार द्वारा अपनी जान की परवाह किए बिना दिखाई गई बहादुरी, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की गई। उनके साहसिक कार्य को देखते हुए माननीय पुलिस महानिदेशक हरियाणा द्वारा एएसआई मनोज कुमार को प्रथम श्रेणी प्रशंसा पत्र एवं नगद इनाम देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया कि जिला पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी के दौरान हर परिस्थिति में आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। एएसआई मनोज कुमार का साहस पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणादायक है। पुलिस अधीक्षक ने उनके साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में आमजन की सहायता करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।