
कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया
..
राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी)स्नातकोत्तर महाविद्यालय, विदिशा में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में डॉ. मणिमोहन मेहता, डॉ. वनिता बाजपेयी, सुदिन श्रीवास्तव, राजेंद्र श्रीवास्तव, ब्रज श्रीवास्तव एवं उर्वशी सक्सेना ने अपनी कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का आरंभ कु. सुनेहा द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर की कविता के पाठ से हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ॰ बी.डी. अहिरवार ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर जनप्रतिबद्ध कवि रहे, उनकी कविता ने समाज और राजनीति को दिशा दिखाने का काम किया है।
कवियों ने अपनी कविताओं में जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, साथ ही अपनी कविताओं से श्रोताओं में उत्साह जगाने का काम किया। राजेंद्र श्रीवास्तव ने बाल कविता से छात्राओं का मनोरंजन किया, तो डाॅ. वनिता वाजपेयी एवं सुदिन श्रीवास्तव ने अपने गीत और गजलों से कार्यक्रम को समृद्ध किया। डाॅ. मणिमोहन मेहता एवं ब्रज श्रीवास्तव ने आधुनिक कविता से सभा को परिचित कराया। उर्वशी सक्सेना ने सामयिक विषयों पर आधारित कविताएँ सुनाईं। कार्यक्रम का संचालन और संयोजन प्रो. अस्मुरारी नंदन मिश्र ने तथा धन्यवाद ज्ञापन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डाॅ. राजुला अल्बर्ट ने किया।
इसी दिन महाविद्यालय में हिंदी पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। समस्त अतिथियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं हिंदी साहित्य से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी की सराहना की। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। इसमें डाॅ. ज्योति जादौन, डाॅ. रामू विश्वकर्मा, डाॅ. विनिता प्रजापति, डाॅ. संध्या जैन, डाॅ. सीमा चक्रवर्ती, प्रो. सविता सोनी, डाॅ. साधना कुमारी झा, प्रो. नीतू दांगी, डाॅ. विनय कुमार पाठक, कु. कोमल कुशवाह के साथ महाविद्यालय के सभी स्टाफ़ का सक्रीय सहयोग रहा। #Vidisha