
विवादों में रहे उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार पर बड़ी कार्रवाई, तीन संतान नियम के उल्लंघन पर बर्खास्त
सिंगरौली: जिले में लंबे समय से चर्चाओं में रहे उप पंजीयक अशोक सिंह परिहार को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा 11 जून को जारी आदेश के तहत यह कार्रवाई की गई। विभागीय जानकारी के अनुसार यह निर्णय तीन संतान नियम के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद लिया गया।
बताया जा रहा है कि अशोक सिंह परिहार के विरुद्ध वर्ष 2002 के बाद तीसरी संतान होने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी विस्तृत जांच कराई गई और जांच के लिए कलेक्टर सिंगरौली से प्रतिवेदन मांगा गया। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई कि उनकी तीन संतान हैं। कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजीयन विभाग ने सेवा नियमों के तहत उन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लंबे समय से विभिन्न मामलों को लेकर विवादों में रहे परिहार के खिलाफ यह विभाग की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई मानी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अशोक सिंह परिहार इससे पहले भी करोड़ों रुपये के कथित स्टाम्प घोटाले के मामले में सुर्खियों में रह चुके हैं। उन पर लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के स्टाम्प की चोरी से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें पूर्व में निलंबित भी किया गया था। बाद में उनकी बहाली होने पर भी विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे थे।
करीब आठ वर्षों से सिंगरौली जिले में पदस्थ रहे परिहार के कार्यकाल के दौरान समय-समय पर कई शिकायतें सामने आती रहीं। स्थानीय स्तर पर उनके कार्यों को लेकर असंतोष और नाराजगी की चर्चा भी होती रही। अब तीन संतान नियम के उल्लंघन की जांच में दोषी पाए जाने के बाद हुई बर्खास्तगी को विभागीय अनुशासन और सेवा नियमों के सख्त पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक हलकों में इसे एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है