
जाम हटाने की कार्रवाई पर बवाल: मड़वास थाना प्रभारी के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा, थाने का किया घेराव
मड़वास। सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र में शनिवार को बाजार में लगने वाले जाम को लेकर पुलिस और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। थाना प्रभारी द्वारा सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों और बाजार में यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई किए जाने के बाद व्यापारियों ने थाना प्रभारी अतर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर घेराव शुरू कर दिया।
दरअसल, मड़वास बाजार में लंबे समय से सड़क के दोनों ओर दुकानदारों द्वारा टीन शेड, सामान और अन्य सामग्री सड़क तक फैलाकर रखने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके अलावा दुकानों पर आने वाले बड़े वाहन सड़क के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। बाजार में मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण भी यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा जाम की समस्या को लेकर पुलिस से शिकायतें की गई थीं। बताया गया कि शिकायतों के बाद थाना प्रभारी अतर सिंह शनिवार को बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने और सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाने के लिए पहुंचे। इसी दौरान कुछ व्यापारियों और पुलिस के बीच विवाद हो गया।
व्यापारी मानिक लाल गुप्ता ने आरोप लगाया कि शनिवार दोपहर करीब एक बजे थाना प्रभारी उनकी दुकान के सामने पहुंचे और गाड़ी खड़ी करने को लेकर उनसे सवाल किया। व्यापारी का आरोप है कि इस दौरान थाना प्रभारी ने उनके साथ गाली-गलौज और अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इसी के विरोध में व्यापारी एकजुट होकर थाना पहुंचे और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर घेराव किया।
वहीं, थाना प्रभारी अतर सिंह ने व्यापारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाजार में लगातार जाम की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते वे व्यवस्था देखने पहुंचे थे। सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कुछ लोगों ने विरोध करते हुए उन्हें घेर लिया और दबाव बनाने का प्रयास किया।
फिलहाल, पुलिस और व्यापारियों के बीच हुए इस विवाद को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। व्यापारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, जबकि पुलिस का कहना है कि बाजार में यातायात व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है।