सीधी में STF की बड़ी कार्रवाई: वन्यजीव तस्करी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, पिपराही से दबोचे गए; भाजपा के कद्दावर नेता के परिवार से जुड़ा नाम भी सामने आया
सीधी। वन्यजीव तस्करी के खिलाफ स्टेट टाइगर रिजर्व टास्क फोर्स (STF) की कार्रवाई सीधी में दूसरे दिन भी जारी रही। शनिवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई कार्रवाई में सीधी-मऊगंज जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पिपराही से तीन संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग और STF की टीम ने शनिवार और रविवार को पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा। रविवार शाम करीब 4 बजे तीनों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल सीधी लाया गया।
सूत्रों के अनुसार, STF की टीम वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान मोबाइल चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए तस्करी से जुड़े लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि STF ने तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए व्यापारी बनकर संपर्क साधा था। जांच में सांभर, चीतल सहित अन्य वन्यजीवों के अवशेष और मगरमच्छ की खाल मिलने की आशंका भी जताई जा रही है।
पकड़े गए आरोपियों में अनमोल सिंह चंदेल, पिता रणबहादुर सिंह चंदेल, निवासी ग्राम बीरा देती, उम्र करीब 25 वर्ष; अभिषेक उर्फ प्रिंस सिंह चंदेल, पिता पुष्पराज सिंह चंदेल, निवासी ग्राम दुधमनिया, उम्र करीब 27 वर्ष तथा लल्ला बैगा, निवासी ग्राम जड़कुड़, को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
मामले में अभिषेक उर्फ प्रिंस सिंह चंदेल का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि अभिषेक, भाजपा के वरिष्ठ नेता शिव बहादुर सिंह चंदेल के पौत्र हैं। शिव बहादुर सिंह चंदेल पूर्व में भाजपा की ओर से सिहावल विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी भी रह चुके हैं। हालांकि, वन्यजीव तस्करी के मामले में अभिषेक की भूमिका और राजनीतिक परिवार से उनके संबंध को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
STF की जांच का दायरा सीधी से आगे आगरा और तमिलनाडु तक संभावित नेटवर्क से जुड़ने की बात भी सामने आ रही है। अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना को लेकर भी जांच की जा रही है। वन विभाग और STF की कार्रवाई जारी है और आधिकारिक खुलासे के बाद ही बरामदगी, आरोपियों की भूमिका और पूरे तस्करी नेटवर्क की तस्वीर साफ होगी।