
UPI MDR पर सरकार से व्यापारियों की बड़ी बातचीत, वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद “नो UPI डे” वापस
नई दिल्ली से व्यापारिक जगत से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। UPI MDR यानी यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर व्यापारिक संगठनों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में AIMRA के फाउंडर चेयरमैन कैलाश लख्यानी सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर व्यापारियों और रिटेलर्स की चिंताओं को सामने रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित MDR को फिलहाल स्थगित करने, शुल्क को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और वित्त वर्ष 2026-27 में इसे 0.20 प्रतिशत से शुरू करने का सुझाव दिया। इसके बाद हर साल 0.05 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 0.40 प्रतिशत तक ले जाने की मांग रखी गई।
इसके अलावा ₹1 लाख की प्रस्तावित थ्रेशोल्ड सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने और मर्चेंट-टू-मर्चेंट यानी M2M लेन-देन को MDR से बाहर रखने की मांग भी की गई।
व्यापारिक संगठनों के मुताबिक वित्त मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। इसके बाद AIMRA और AICPDF ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित “नो UPI डे” वापस लेने का फैसला किया है।
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