
#प्रयागराज: संगम के सभी घाट डूबने से सड़क किनारे अंतिम संस्कार, लोग घंटों इंतजार में मजबूर
--•••••••••••••••25 अगस्त 2026••••••••••••••
#प्रयागराज — गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण प्रयागराज के संगम क्षेत्र के सभी घाट जलमग्न हो गए हैं। विशेषकर दारागंज घाट डूबने से अंतिम संस्कार के लिए आए लोगों को सड़कों और मुख्य मार्गों पर अंतिम क्रिया करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे घाट आने वाले हार्दिक श्रद्धालुओं व परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
#घाटों में पानी फैलने से दिक्कतें बढ़ीं
संगम क्षेत्र में नदी का पानी तेज़ी से फैल रहा है, जिस कारण दारागंज घाट समेत सभी पारंपरिक अंत्येष्टि घाट जलमग्न हो गए हैं। सामान्य दिनों में दारागंज घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार होते हैं, लेकिन इस बार घाट डूबने के कारण स्थान कम पड़ गया है और भीड़ बढ़ गई है। परिजनों का कहना है कि घाटों पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं का अभाव होने से उन्हें सड़क किनारे और मार्गों पर ही शवों की अंतिम यात्रा संपन्न करनी पड़ रही है।
#बाहरी जिलों से भी दबाव
प्रयागराज के साथ‑साथ आसपास के जिलों और मध्य प्रदेश के रीवा सहित दूर-दूर से आए लोग भी दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। इन लोगों को घाटों के डूबने के बाद खुले रास्तों पर ही चिताएं जलानी पड़ रही हैं और कई बार अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ता है।
#लकड़ियों के भीगने से समस्या
घाटों में पानी भर जाने के कारण अंतिम संस्कार में प्रयुक्त होने वाली लकड़ियाँ भीगी जा रही हैं, जिससे अग्नि प्रदान करने में समस्या आ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि व्यवस्थाओं की कमी का फायदा उठा कर कुछ लोग मनमाने दाम वसूल कर रहे हैं, जिससे बाहर से आए हुए लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
#मांगें और प्रस्तावित उपाय
स्थानीय परिजनों और श्रद्धालुओं ने बाढ़ के समय अंतिम संस्कार के लिए अलग स्थान, टीन शेड व पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा तात्कालिक तौर पर वैकल्पिक घाट व अस्थायी संरचना बनाकर, तथा लकड़ी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर के स्थिति को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
#प्रशासन की प्रतिक्रिया
(यहाँ प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग का कोई बयान जोड़ें यदि उपलब्ध हो।) स्थानीय अधिकारियों ने कहा/बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत व वैकल्पिक व्यवस्थाएं शीघ्र लागू की जाएँगी। (यदि आधिकारिक बयान नहीं मिला है तो इस पंक्ति को हटाना या "प्रशासन ने अभी टिप्पणी नहीं की" लिखें।)~•~•~~•~•~• गया दर्पण न्यूज़ हिंदी दैनिक चीफ एडिटर सोमराज स्वर्णकार ~•~•~• #facebookviral #FacebookPage #village #ProfessionalDevelopment #jilaadhikariprayagraj #jiladhikariManishVerma