
प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
13 जुलाई 2026
शीर्षक: "टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत जमुई को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाने की कवायद तेज़,जिला पदाधिकारी ने की आम जनमानस से सक्रिय भागीदारी की अपील, अब तक 429 मरीज चिन्हित कर उपचार के दायरे में लाए गए।
जमुई: मुख्य सचिव, बिहार सरकार श्री प्रत्यय अमृत (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत 'टीबी मुक्त बिहार' के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पदाधिकारी ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लिया तथा जिले में 24 मार्च से संचालित इस महाअभियान की प्रगति, उपलब्धियों एवं कार्ययोजना की विस्तृत रिपोर्ट से मुख्य सचिव को अवगत कराया।
जिले को टी.बी जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प के साथ जिले में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत "टी.बी मुक्त जमुई" का संचालन पूरी सक्रियता से किया जा रहा है। गत 24 मार्च से प्रारंभ हुआ यह विशेष अभियान आगामी 14 अगस्त 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। जिले में इस महाअभियान के सफल क्रियान्वयन और शत्-प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी द्वारा निरंतर समीक्षा की जा रही है, ताकि जिले के स्वास्थ्य तंत्र पूरी सजगता के साथ धरातल पर कार्य कर सके।"
इस अभियान के तहत जिले में कुल 1,72,000 लोगों की स्क्रीनिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 12 जुलाई 2026 तक कुल 58,388 लोगों का विवरण निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इस दौरान व्यापक चिकित्सा जांच करते हुए 1,049 संदिग्धों की TrueNAAT/Microscopy जांच तथा 3,152 लोगों का चेस्ट एक्स-रे कराया गया, जिसके आधार पर अब तक कुल 429 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका इलाज सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।
वहीं, अगर पिछले एक सप्ताह (6 से 12 जुलाई) की प्रगति की बात करें तो स्वास्थ्य टीमों ने 43,085 लोगों की स्क्रीनिंग कर 40,147 का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया तथा 376 TrueNAAT/Microscopy टेस्ट व 641 एक्स-रे के माध्यम से 25 नए मरीजों को चिन्हित कर तत्काल उपचार के दायरे में लाया है।
इस महत्वपूर्ण अभियान की सफलता को लेकर जिला पदाधिकारी ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील है। उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी अवश्य है, लेकिन यह पूरी तरह से साध्य है और सही समय पर पहचान व नियमित उपचार से व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। सरकार द्वारा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की मुफ्त जांच, दवाइयां और मरीजों के बेहतर खान-पान के लिए वित्तीय सहायता (निक्षय पोषण योजना) भी प्रदान की जा रही है। जिला पदाधिकारी ने आम जनता से आग्रह किया है कि यदि उनके परिवार या आस-पास किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार रहने, वजन घटने या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें बिना किसी संकोच के तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित नजदीकी शिविरों ले जाएं और मुफ़्त में जांच करवाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीमारी को छुपाना इसका समाधान नहीं है, बल्कि समय पर सामने आकर इलाज कराना ही स्वस्थ जीवन का आधार है। इसीलिए आइए, हम सब मिलकर इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएं और अपने जिले को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
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Jamui, Bihar | Jul 14, 2026