
रीवा में मानसून सक्रिय होते ही जिले के प्रसिद्ध जलप्रपातों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी है। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ बड़ी संख्या में लोग सेल्फी और रील बनाने के लिए खतरनाक जगहों तक पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि कई पर्यटक सुरक्षा सीमाओं की अनदेखी कर फिसलन भरी चट्टानों, गहरी खाई के किनारों और तेज बहाव वाले स्थानों पर खड़े होकर फोटो और वीडियो शूट कर रहे हैं। जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल क्योंटी (केओटी), चचाई, पुरवा और इटमा जलप्रपात पर रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। छुट्टी के दिनों में यहां और अधिक भीड़ रहती है। कई लोग बेहतर फोटो और आकर्षक वीडियो बनाने के लिए प्रतिबंधित और जोखिम वाले स्थानों तक चले जाते हैं। कुछ लोग बहते पानी के बीच चट्टानों पर बैठकर सेल्फी लेते हैं तो कई ऊंचे किनारों पर खड़े होकर रील बनाते दिखाई देते हैं।
सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ भी इस लापरवाही की बड़ी वजह बन रही है। वाटरफॉल पर बनाए गए फोटो और वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। ज्यादा लाइक और व्यूज पाने की चाह में लोग अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के मौसम में जलप्रपातों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और काई जमी चट्टानों पर फिसलने का खतरा भी बना रहता है।
बहूती और ओड्डा जलप्रपात पर कई पर्यटक तेज बहाव और खतरनाक चट्टानों तक पहुंचकर सेल्फी व रील बना रहे हैं। बारिश के मौसम में फिसलन और अचानक बढ़ते जलस्तर के बावजूद लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। पर्यटकों को सुरक्षा घेरा और चेतावनी बोर्ड का पालन करने के लिए कहा जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी भी रखी जा रही है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रीवा के अधिकांश जलप्रपातों पर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते। कई स्थानों पर खतरनाक किनारों पर स्थायी रेलिंग नहीं है, जबकि जहां बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगे हैं, वहां भी उनकी अनदेखी की जा रही है। छुट्टी के दिनों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था सीमित होने के कारण लोग आसानी से जोखिम वाले हिस्सों तक पहुंच जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी प्रमुख जलप्रपातों पर मजबूत रेलिंग, पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने कहा कि बारिश के दौरान जलप्रपातों में पानी का बहाव कभी भी बढ़ सकता है। पर्यटक सेल्फी या रील बनाने के लिए खतरनाक स्थानों पर न जाएं और सुरक्षा बैरिकेडिंग का पालन करें। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सुरक्षित दूरी से ही प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लें और अपने साथ आए बच्चों पर विशेष नजर रखें।
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