
09 अप्रैल की घटना में एफआईआर दर्ज करने में लगे 75 दिन, हिमालय रेस्टोरेंट संचालक ने उठाए सवाल
छपरा, 24 जून 2026।
हिमालय रेस्टोरेंट के प्रोपराइटर एवं ट्रैकर टाइम्स प्रिंट मीडिया से संबद्ध पत्रकार हिमालय राज ने आरोप लगाया है कि उनके रेस्टोरेंट पर कथित अवैध कब्जा, मारपीट, गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी से संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उन्हें लगभग 75 दिनों तक संघर्ष करना पड़ा।
हिमालय राज ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में विधिवत रजिस्टर्ड लीज पर भूमि प्राप्त कर लगभग 1.40 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रामनगर रोड, नेवाजी टोला चौक स्थित हिमालय रेस्टोरेंट की स्थापना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 17 जनवरी 2026 को भूमि स्वामिनी मधुमाला सिंह, उनके पति पवन सिंह उर्फ उत्तम सिंह एवं अन्य लोगों द्वारा रेस्टोरेंट में जबरन ताला लगा दिया गया था। इस मामले में मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 30/2026 दर्ज हुआ था।
उन्होंने बताया कि माननीय न्यायालय एवं सदर एसडीएम, छपरा के आदेश के अनुपालन में 07 मार्च 2026 को मजिस्ट्रेट की निगरानी, वीडियोग्राफी एवं स्थानीय गवाहों की उपस्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई कर रेस्टोरेंट का ताला तोड़कर उनका वैधानिक कब्जा बहाल कराया गया था।
हिमालय राज का आरोप है कि न्यायालय एवं प्रशासनिक आदेशों की खुली अवहेलना करते हुए 09 अप्रैल 2026 को पुनः मधुमाला सिंह, पवन सिंह उर्फ उत्तम सिंह एवं 5-7 अज्ञात व्यक्तियों ने रेस्टोरेंट पर जबरन ताला लगा दिया, उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा जान से मारने और हत्या करवा देने की धमकी दी। इसके बाद रेस्टोरेंट पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया, जिससे उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद हो गया।
उन्होंने कहा कि घटना के दिन ही 09 अप्रैल 2026 को मुफ्फसिल थाना एवं पुलिस अधीक्षक, सारण को लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। पीड़ित के अनुसार, लगातार आवेदन देने, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का चक्कर लगाने, वरीय अधिकारियों से शिकायत करने तथा पुलिस महानिदेशक बिहार के जनता दरबार में न्याय की गुहार लगाने के बाद अंततः 23 जून 2026 को, घटना के लगभग 75 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
हिमालय राज ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने में हुई इस लंबी देरी ने कानून व्यवस्था एवं शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो रेस्टोरेंट पर कथित अवैध कब्जा एवं लाखों रुपये की आर्थिक क्षति को रोका जा सकता था।
उन्होंने बताया कि 09 अप्रैल 2026 से रेस्टोरेंट बंद होने के कारण उन्हें अब तक लगभग 8 से 10 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हो चुकी है। साथ ही बैंक ऋण, कर्मचारियों के वेतन, बिजली बिल तथा अन्य देनदारियों का भार लगातार बढ़ता जा रहा है।
हिमालय राज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दर्ज प्राथमिकी में निष्पक्ष एवं त्वरित अनुसंधान कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध कब्जा हटाया जाए तथा उन्हें उनके रेस्टोरेंट का वैधानिक कब्जा एवं व्यवसाय संचालन का अधिकार पुनः दिलाया जाए।
Chapra, Saran | Jun 25, 2026