
जर्जर हालत में बाबू दशरथ इंटर कॉलेज, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज; विद्यार्थियों के भविष्य पर मंडरा रहा संकट
मंगलपुर क्षेत्र के औरंगाबाद स्थित बाबू दशरथ इंटर कॉलेज की बदहाल स्थिति को लेकर जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। विद्यालय परिसर में जगह-जगह उगी बड़ी-बड़ी झाड़ियां, टूटे-फूटे कमरे और क्षतिग्रस्त खिड़कियां कॉलेज की दुर्दशा बयां कर रही हैं। साफ-सफाई और भवन के रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यालय की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके शैक्षिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
औरंगाबाद निवासी अजय प्रताप सिंह ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए विद्यालय की बदहाल स्थिति में सुधार कराने की मांग उठाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कॉलेज की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। विद्यालय परिसर में उगी झाड़ियों की सफाई नहीं होने और भवन के जर्जर होने से शैक्षिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
पांच से सात किलोमीटर के दायरे में दूसरा इंटर कॉलेज नहीं
शिकायतकर्ता ने बताया कि विद्यालय के आसपास करीब पांच से सात किलोमीटर के दायरे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए कोई अन्य इंटर कॉलेज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा के लिए यह विद्यालय महत्वपूर्ण है। यदि विद्यालय की स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया तो इसका प्रतिकूल असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय की बदहाली चिंता का विषय बनी हुई है।
साफ-सफाई से लेकर भवन के जीर्णोद्धार तक की मांग
अजय प्रताप सिंह ने संबंधित विभाग से विद्यालय परिसर में तत्काल साफ-सफाई कराने, बड़ी-बड़ी झाड़ियों की कटाई कराने और क्षतिग्रस्त कमरों व खिड़कियों की मरम्मत कराने की मांग की है। इसके साथ ही विद्यालय के समुचित जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक बजट और धनराशि स्वीकृत करने की भी मांग उठाई है, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
शिकायतकर्ता ने बुधवार शाम पांच बजे बताया कि विद्यालय की स्थिति में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर कितना शीघ्र संज्ञान लेता है और विद्यालय की बदहाली दूर करने के लिए क्या कार्रवाई करता है।