
डंगे के निर्माण और मस्टररोल को लेकर ग्रामीण ने उठाए सवाल, तकनीकी कर्मचारी की कार्यप्रणाली पर लगाए आरोप
(जुब्बल) ग्राम पंचायत दाहन के वार्ड नंबर-5 बखोटा निवासी कमल रपटा ने पंचायत क्षेत्र में निजी डंगे के निर्माण के बाद भी मस्टररोल से संबंधित प्रक्रिया में आ रही कथित दिक्कतों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि करीब छह माह पूर्व डंगे का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन संबंधित पंचायत तकनीकी कर्मचारी द्वारा मस्टररोल को दो बार शून्य किया गया है। उन्होंने बताया कि इस कार्य से जुड़ी लेबर कॉस्ट करीब 92 हजार रुपये है।
कमल रपटा का आरोप है कि संबंधित तकनीकी कर्मचारी द्वारा मौके पर कार्य का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों के फोन का भी उचित जवाब नहीं मिलने से कार्यों की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रहती है, जिससे ग्रामीणों को अपने कार्यों और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण ने मांग उठाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले को प्रदेश सरकार और पंचायती राज विभाग के समक्ष उठाने की तैयारी कर रहे हैं। कमल रपटा ने कहा कि संबंधित कर्मचारी के लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत रहने को लेकर भी वह विभागीय स्तर पर जानकारी प्राप्त करेंगे। उन्होंने संबंधित कर्मचारी के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी आरटीआई के माध्यम से लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर आधिकारिक जांच की मांग उठाने की बात कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग और कर्मचारी का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।