
सौतेले बेटे ने अपहरण के बाद बडौत ले जाकर की थी विकसित की गोली मारकर हत्या, शव की गर्दन काटकर भोपा क्षेत्र में लाकर जमीन में दबाया, हत्या की साजिश में पत्नी और पुत्रवधु भी रही शामिल
मुजफ्फरनगर। सिखेडा थाना क्षेत्र के गांव बेहडा अस्सा के विकसित उर्फ रॉकी की हत्या अपहरण के बाद बागपत जनपद के बड़ौत ले जाकर की गयी। उसके सौतेले बेटे ने अपने साथियों के साथ हत्या की साजिश रचते हुए उसका अपहरण किया और बडौत में ले जाकर कमरे में बंद करने के पश्चात पहले उसकी पिटाई की। उसके बाद गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी शव को स्कार्पियो कार में रखकर बैराज पर गंगा में बहाने के लिए लेकर पहुंचे थे, लेकिन आवाजाही के कारण पकड़े जाने के डर से शव को लेकर भोपा थाना क्षेत्र के गांव कादीपुर के जंगल में पहुंचे। पहचान छिपाने के इरादे से खेत में गर्दन काटकर धड को गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतक की पत्नी, सौतेले बेटे और उसकी पत्नी व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि मूलरुप से गांव बेहडा अस्सा, हाल पता भोपा थाना क्षेत्र के मोहल्ला हरिकुंज कालोनी निवासी विकसित उर्फ रॉकी 18 मई को अपनी दूसरी पत्नी रेणू के साथ ऋषिकेश में कोर्ट में मारपीट के मामले में वारंट पर पेश होने के लिए गया था। रास्ते में उसके सौतेले बेटे बादल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। आरोपी उसे लेकर बडौत पहुंचे। मारपीट करने के पश्चात बादल ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी अगले दिन शव को स्कार्पियो कार में रखकर गंगा बैराज पर लेकर पहुंचे। दिन निकलने के कारण बैराज पर आवाजाही होने के कारण शव को गंगा में नही बहा सके। उसके बाद आरोपी शव को लेकर कादीपुर के जंगल में आ गए। आरोपी बादल ने अपने साथी शुभम निवासी मलपुरा के खेत में शव को रखकर पहले धड से गर्दन को अलग कर दिया, ताकि उसकी पहचान नही हो सके। उसके बाद मोंटी, शुभम व बादल ने मिलकर गड्ढा खोदा और धड को दबा दिया। गड्ढे में नमक भी डाला गया था। उसके बाद आरोपियों ने गर्दन को पालीथिन में बंद कर गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने देर रात मुठभेड में दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हुए गिरफ्तार मोंटी की निशानदेही पर धड को बरामद कर लिया है। एसएसपी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने व शरीर पर चोट के निशानों की पुष्टि हुई है।
--पत्नी के साथ घर से निकला था रॉकी
रॉकी पहली पत्नी से तलाक के बाद बागपत के बडौत में एक कार शोरुम में काम करने लगा था। यहा उसकी मुलाकात रेणू निवासी बावली के साथ हुई। रेणू के पहले पति ने आत्महत्या कर ली थी। दोनों के बीच नजदीकिया बढने पर वर्ष 2019 में दोनों ने शादी कर ली। आरोपी बादल रेणू के पहले पति का बेटा है। वह 18 मई को अपनी पत्नी रेणू के साथ घर से निकला था। उसी शाम उसकी फोन पर अपनी मां से बात हुई थी, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। शुरु में रेणू परिवार व पुलिस को गुमराह करती रही। उसके बाद 26 मई को बेटे बादल व पुत्रवधु निशा को साथ लेकर घर से चली गयी, जिसके बाद पुलिस को उस पर शक हो गया।
-- सौतेले बेटे ने रची थी वारदात की साजिश
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि रॉकी के सौतेले बेटे ने पूरी वारदात की साजिश रची थी। सौतेला बेटा अपने दूसरे पिता रॉकी को पंसद नही करता था। उसे उसकी मां रेणू के बीच उसके संबंध पंसद नही थे। इसके अलावा प्रोपर्टी को लेकर भी विवाद था, क्योंकि उसकी मां के नाम पर काफी सम्पत्ति थी। रॉकी सम्पत्ति में से काफी खर्च कर रहा था। इसके साथ रॉकी से उसकी मां को दूसरी संतान होने पर उसे सम्पत्ति बंटवारे का डर था। इसी कारण उसने वारदात की प्लानिंग की ताकि अपने सौतेले पिता विकसित उर्फ रॉकी को रास्ते से हटाया जा सके। हत्यारोपियों ने बडौत में घटनास्थल पर गोली मारने के बाद फिनाइल डालकर साक्ष्य मिटाए गए थे। पुलिस फरार आरोपी रेणू, उसका बेटा बादल, निशा व शुभम की तलाश कर रही है।
Rambir Arya