क्या महज 21 साल की उम्र में कोई स्वतंत्र फिल्म बनाकर बड़ा कमाल कर सकता है? इंग्लैंड में कार्यरत अनुप्रिया नागर ने ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने अपनी निष्ठा और मेहनत से 'हनुमान अंश' नामक फिल्म का निर्माण किया।
विदेश में रहने के दौरान अनुप्रिया ने नीम करोली बाबा के जीवन दर्शन के बारे में पढ़ा। इससे प्रभावित होकर और संत प्रेमानंद महाराज जी के मार्गदर्शन में उन्होंने फिल्म बनाने का संकल्प लिया। सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म अप्रत्याशित ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
यह सफलता दर्शाती है कि मजबूत संकल्प से सीमित संसाधनों में भी बड़ा मुकाम हासिल हो सकता है। आज की युवा पीढ़ी का अध्यात्म से जुड़कर ऐसी कहानियां सामने लाना बेहद प्रेरक है।