
लंबी वार्ता के बाद प्रशासन से बनी बात, संविदाकर्मी अतुल मिश्रा का हुआ अंतिम संस्कार
उचौलिया-खीरी। थाना उचौलिया क्षेत्र के जहुरपुर निवासी अतुल मिश्रा, जो विद्युत उपकेंद्र गोकन में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे, की 9 जून 2026 को करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी। आरोप है कि बैदा फीडर से शटडाउन लेने के बाद वह ग्राम लोधियापुर में 11 हजार वोल्ट लाइन पर मरम्मत कार्य कर रहे थे। इसी दौरान एसएसओ आंचल श्रीवास्तव द्वारा बिना अनुमति विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई, जिससे अतुल मिश्रा करंट की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी मोहम्मदी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अधिशासी अभियंता , एसडीओ विद्युत, तहसीलदार, थाना उचौलिया पुलिस सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
मृतक के परिजन दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई, आर्थिक सहायता तथा परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों तक प्रशासन, विद्युत विभाग और परिजनों के बीच वार्ता चलती रही। आखिरकार लंबी वार्ता के बाद सहमति बनी, जिसके तहत मृतक की पत्नी को नौकरी अथवा पेंशन की व्यवस्था, ₹7.50 लाख का मुआवजा तथा ₹1 लाख की तत्काल नकद आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया।
अधिशासी अभियंता द्वारा अंतिम संस्कार से पूर्व मृतक परिवार को ₹1 लाख की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। वहीं क्षेत्राधिकारी पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषी विद्युत कर्मचारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विद्युत विभाग ने प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए एसएसओ आंचल श्रीवास्तव को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद अतुल मिश्रा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
घटना के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता जयकरण बाजपेई "नंगू" तथा प्रदीप बाजपेई लगातार मृतक परिवार के साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने प्रशासन और परिजनों के बीच मध्यस्थता कर वार्ता को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर विद्युत विभाग की शटडाउन व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं। :::