
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में न्यूनतम मूल्यांकन पंजी (MVR) दरों में वृद्धि एवं भूमि वर्गीकरण के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण निर्णय
The silence media news
समाहर्त्ता-सह-अध्यक्ष, जिला मूल्यांकन समिति, औरंगाबाद की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में समिति के सभी संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया गया तथा तत्पश्चात विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बिहार स्टाम्प (लिखत का न्यून मूल्यांकन निवारण) (संशोधन) नियमावली, 2026 से संबंधित मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग (निबंधन) की अधिसूचना संख्या-4059, दिनांक-18.06.2026 के प्रावधानों पर विचार किया गया।
समिति को अवगत कराया गया कि संशोधित नियमावली के अनुसार न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एम०वी०आर०) की दरों में अंतरिम अवधि के दौरान प्रत्येक वित्तीय वर्ष के प्रारंभ में स्वतः 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रारंभिक चरण में Summary Revision के अंतर्गत वर्तमान एम०वी०आर० दरों में एकमुश्त संशोधन किया जाना है।
उक्त अधिसूचना के आलोक में जिला मूल्यांकन समिति द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि औरंगाबाद जिले में वर्तमान में प्रभावी न्यूनतम मूल्यांकन पंजी (MVR) की दरों में तत्काल प्रभाव से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1.6 गुणा तथा शहरी एवं पेरिफेरल क्षेत्रों के लिए 2.0 गुणा वृद्धि की जाएगी। समिति द्वारा जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद को इस संबंध में आवश्यक अधिसूचना निर्गत करने हेतु अधिकृत किया गया।
बैठक के दौरान विभागीय अधिसूचना के अनुसार राज्यभर में भूमि वर्गीकरण को एकरूप बनाए जाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इस क्रम में ग्रामीण, पेरिफेरल एवं शहरी क्षेत्रों में भूमि वर्गीकरण की नई श्रेणियों के अनुरूप औरंगाबाद जिले में वर्तमान न्यूनतम मूल्यांकन पंजी का परीक्षण किए जाने की आवश्यकता बताई गई।
जिला अवर निबंधक द्वारा अवगत कराया गया कि जिले में वर्तमान वर्गीकरण काफी हद तक प्रस्तावित व्यवस्था के अनुरूप है, तथापि कुछ नई श्रेणियों के सृजन एवं पुराने वर्गों के पुनर्समायोजन की आवश्यकता होगी।
इस पर समाहर्त्ता-सह-अध्यक्ष द्वारा जिला अवर निबंधक को विस्तृत अध्ययन कर अगली बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि जिले के शहरी क्षेत्रों में नए सड़कों के निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, नए नगर पंचायतों के गठन तथा नगर परिषद एवं नगर निगम क्षेत्रों के विस्तार के कारण वर्तमान सड़क वर्गीकरण अब अद्यतन नहीं रह गया है।
इस पर निर्णय लिया गया कि सभी कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद एवं नगर पंचायत अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का नए सिरे से प्रधान सड़क, मुख्य सड़क, शाखा सड़क एवं अन्य सड़क के रूप में वर्गीकरण कर सूची तैयार करेंगे तथा जिला अवर निबंधक को उपलब्ध कराते हुए अगली बैठक में समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में पेरिफेरल क्षेत्रों के निर्धारण पर भी विशेष चर्चा की गई। समिति को बताया गया कि संशोधित प्रावधानों के अनुसार नगर निगम सीमा से 8 किलोमीटर, नगर परिषद सीमा से 4 किलोमीटर तथा नगर पंचायत सीमा से 2 किलोमीटर की परिधि में आने वाले क्षेत्र पेरिफेरल क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं तथा इन क्षेत्रों के एम०वी०आर० में 2.0 गुणा वृद्धि लागू होगी।
नए नगर क्षेत्रों के गठन एवं विस्तार के उपरांत इन क्षेत्रों का अद्यतन चिन्हीकरण आवश्यक हो गया है। इस पर समाहर्त्ता-सह-अध्यक्ष द्वारा नगर आयुक्त एवं सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पेरिफेरल क्षेत्रों के मौजों का चिन्हीकरण करते हुए स्पष्ट नजरी नक्शा सहित सूची एक सप्ताह के भीतर जिला अवर निबंधक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में समाहर्ता द्वारा लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उक्त बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, सदर डीएसएलआर श्वेतांक लाल, सभी नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी तथा संबंधित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
#thesilencemedianews #abhilashasharmaias #aurangabad #औरंगाबाद