
सीतयोग इंजीनियरिंग कॉलेज अब हुआ सीतयोग यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद के लिए गर्व का पल
14 साल की यात्रा: सीतयोग इंजीनियरिंग कॉलेज से सीतयोग यूनिवर्सिटी तक का सफर
कैबिनेट की मुहर के बाद औरंगाबाद को मिली पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी, 2025 में मिला था नैक एक्रिडिटेशन
औरंगाबाद। जिले के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। 11 सितंबर 2011 को सीतयोग इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में शुरू हुआ संस्थान अब सीतयोग यूनिवर्सिटी बन गया है। 24 जून को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सीतयोग यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।
ऐसे तय हुआ सफर
2011: सीतयोग इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ शुरुआत।
2011-2024: संस्थान का लगातार विस्तार। नए कोर्स, नए विभाग जुड़ते गए। सीतयोग ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के रूप में स्थापित हुआ।
2025: संस्थान को नैक एक्रिडिटेशन मिला, जिससे क्वालिटी एजुकेशन पर मुहर लगी।
24 जून 2026: बिहार सरकार की कैबिनेट ने सीतयोग यूनिवर्सिटी के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
औरंगाबाद को क्या मिलेगा फायदा
सीतयोग यूनिवर्सिटी औरंगाबाद जिले की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी होगी। इससे जिले के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इंजीनियरिंग के अलावा मैनेजमेंट, फार्मेसी, एग्रीकल्चर, लॉ जैसे नए कोर्स शुरू होने की संभावना है। रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
संस्थान के चेयरमैन व शहर के प्रसिद्ध अधिवक्ता कुमार योगेंद्र नारायण सिंह ने कैबिनेट के फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि यह औरंगाबाद के लाखों छात्रों के सपनों को पंख देगा। हम विश्वस्तरीय शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जल्द ही यूजीसी के नियमों के तहत यूनिवर्सिटी की सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
शिक्षा हब बनेगा औरंगाबाद
स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि यूनिवर्सिटी बनने से औरंगाबाद शिक्षा का हब बनेगा। आसपास के जिलों गया, रोहतास, अरवल के छात्र भी यहां आएंगे। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट मिलेगा।
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Deo, Aurangabad | Jun 25, 2026