
कानपुर देहात में स्लीपर बसों पर पुलिस का शिकंजा, आधी रात चला चेकिंग अभियान; सुरक्षा मानकों की हुई जांच
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद यातायात पुलिस अलर्ट, रोडवेज बसों को भी जांच के दायरे में लिया गया
कानपुर देहात। स्लीपर बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों और यातायात निदेशालय के आदेशों के क्रम में मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान निजी स्लीपर बसों के साथ रोडवेज बसों की भी जांच की गई। पुलिस ने बसों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता से लेकर चालकों के लाइसेंस और अन्य जरूरी मानकों की पड़ताल की।
🔴 बसों में अग्निशमन उपकरणों से लेकर इमरजेंसी गेट तक की जांच
13 और 14 अक्टूबर की रात चलाए गए अभियान के दौरान जिले में संचालित होने वाली तथा दूसरे जनपदों से आने वाली स्लीपर बसों को चेक किया गया। यातायात पुलिस ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
जांच के दौरान बसों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति परखी गई। इसके साथ ही इमरजेंसी गेट निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं और आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए उनकी कार्यशीलता की भी जांच की गई।
🔴 चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच
अभियान के दौरान बसों में एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) की उपलब्धता, चालक और परिचालक के लाइसेंस तथा चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। बसों में किसी संदिग्ध या ज्वलनशील वस्तु की मौजूदगी का भी पता लगाया गया।
पुलिस ने यात्रियों से इमरजेंसी गेट की जानकारी और आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में सवाल किए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सुरक्षित तरीके से बस से बाहर निकल सकें।
🔴 नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई
चेकिंग अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। अभियान का उद्देश्य बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
🔴 रात में भी जारी रहेगी चेकिंग
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्लीपर बसों और अन्य यात्री वाहनों की रात में नियमित चेकिंग जारी रहेगी। खासकर लंबी दूरी की बसों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, चालकों की स्थिति और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जाएगी।
अब सवाल यह है कि लगातार चलने वाले इस अभियान से बसों में सुरक्षा मानकों का पालन कितना सुनिश्चित हो पाता है। पुलिस की सख्ती से यात्रियों को सुरक्षित सफर की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए नियमित जांच के साथ नियमों का प्रभावी पालन भी जरूरी है।