
सीज हुआ अस्पताल कुछ घंटों में फिर खुला, कार्रवाई पर उठे सवाल
मल्लावां में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल, क्या केवल औपचारिकता थी सीलिंग?
हरदोई। मल्लावां कस्बे में अवैध रूप से संचालित न्यू तुलसी हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सीज कर दिया था। विभाग की इस कार्रवाई को अवैध अस्पतालों के खिलाफ सख्ती के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन महज दो से तीन घंटे बाद ही अस्पताल दोबारा संचालित होने लगा। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की गंभीरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल वास्तव में नियमों का उल्लंघन कर रहा था और उसे सीज किया गया था, तो फिर इतनी जल्दी उसे दोबारा संचालित करने की अनुमति कैसे मिल गई? यदि सील हटाई गई, तो किस अधिकारी के आदेश पर हटाई गई और किस आधार पर अस्पताल को फिर से खोलने की अनुमति दी गई? वहीं यदि सील नहीं हटाई गई और अस्पताल फिर भी संचालित हुआ, तो यह विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न है।
स्वास्थ्य विभाग लगातार अवैध अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा कर रहा है। ऐसे में सीज किए गए अस्पताल का कुछ ही घंटों में दोबारा खुल जाना पूरे अभियान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। इससे यह संदेश भी जाता है कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों में प्रशासनिक कार्रवाई का अपेक्षित भय नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या न्यू तुलसी हॉस्पिटल के संचालन को दोबारा शुरू करने की कोई वैधानिक अनुमति दी गई थी? यदि नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने दोबारा संचालन रोकने के लिए क्या कदम उठाए? स्वास्थ्य विभाग को इस पूरे घटनाक्रम पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि कार्रवाई की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
यदि वास्तव में अस्पताल सीज होने के बाद भी संचालित हुआ है, तो यह केवल एक अस्पताल का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और कानून के प्रभावी पालन का भी प्रश्न है। ऐसे मामलों में स्पष्ट और पारदर्शी स्पष्टीकरण आवश्यक है।
Bilgram, Hardoi | Jul 14, 2026