अगर भरत तिवारी के मामले में पूरा बिहार एकजुट होकर न्याय की मांग कर सकता है,तो बंटी यादव के मामले में भी वही संवेदनशीलता और वही आवाज़ उठनी चाहिए......!
जब सवाल किसी इंसान की जान का हो,तब राजनीतिक निष्ठा नहीं, न्याय सबसे बड़ा मुद्दा होना चाहिए,यदि बंटी यादव की ह"त्या के पीछे कोई साजिश,......!
अपराध या प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने की आशंका है,तो उसकी निष्पक्ष,पारदर्शी और समयबद्ध जांच होना लोकतंत्र की कसौटी है......!
न्याय चुनिंदा लोगों के लिए नहीं,सबके लिए होना चाहिए, अगर आवाज़ उठानी है,तो सिद्धांत के लिए उठाइए व्यक्ति देखकर नहीं....!