
चूरू। 5-डे बैंकिंग लागू करने, परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के सरकारी और निजी बैंकों में राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित हड़ताल में बैंकिंग क्षेत्र की सात प्रमुख यूनियनों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस चूरू के संयोजक जयंत परिहार ने बताया कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में पांच कार्यदिवस और दो दिन अवकाश की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में सैद्धांतिक सहमति बनने के बावजूद अंतिम निर्णय लंबित है। इससे बैंक कर्मचारियों में रोष है।
एसबीआईएसए (SBISA) के रीजनल सेक्रेटरी सुनील बुरड़क एवं अधिकारी संघ के क्षेत्रीय संयोजक राजेश धूत ने संयुक्त बयान में कहा कि बैंक कर्मियों पर लगातार बढ़ते काम के दबाव और तनाव को देखते हुए 5-डे बैंकिंग व्यवस्था लागू करना जरूरी है। उन्होंने पारदर्शी PLI नीति लागू करने की भी मांग की। नेताओं के अनुसार मांगों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
इन बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा असर
हड़ताल के कारण शाखा स्तर पर ड्राफ्ट जारी करने, चेक क्लीयरेंस, पासबुक प्रिंटिंग, लोन प्रोसेसिंग और खाता खोलने से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित रहे। इसके अलावा बैंक शाखाओं के काउंटरों पर नकद जमा एवं निकासी जैसी सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की बात कही गई है।
बैंक यूनियनों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे हड़ताल के दौरान अनावश्यक रूप से बैंक शाखाओं में जाने से बचें तथा जरूरी वित्तीय लेनदेन के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करें। साथ ही यूनियनों ने बैंक कर्मचारियों की मांगों के समर्थन की अपील की है।
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Churu, Churu | Sep 11, 2026