
सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर अंतरिम आदेश से किया इनकार, ECI और केंद्र से मांगा जवाब
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई हुई। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि निर्वाचन आयोग में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। याचिकाकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के तत्काल निलंबन की मांग भी की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के तत्काल निलंबन का अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया और केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग तथा संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अखबार की रिपोर्ट के आधार पर आदेश देने से इनकार
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि केवल अखबारों या मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किसी संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ एकतरफा आदेश पारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट पहले निर्वाचन आयोग और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब तथा रिकॉर्ड देखना चाहता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यदि CEC को निलंबित कर दिया जाता है तो निर्वाचन आयोग का कामकाज कौन संभालेगा और चुनावी प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी। अदालत ने संकेत दिया कि किसी भी अंतरिम आदेश से पहले संबंधित पक्षों को सुनना जरूरी है।
14 फैसलों को लेकर विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत उन आरोपों से हुई जिनमें कहा गया कि SIR, मतदाता सूची, मतदाता पंजीकरण और निर्वाचन आयोग की तकनीकी व्यवस्था से जुड़े करीब 14 फैसलों पर अन्य दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति दर्ज की थी।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि ये फैसले निर्वाचन आयोग के बहुसदस्यीय ढांचे के अनुरूप सर्वसम्मति या बहुमत की प्रक्रिया का पालन किए बिना लिए गए। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता अभी न्यायालय के समक्ष जांच का विषय है।
कोर्ट ने कानून के मुताबिक काम करने की उम्मीद जताई
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान को कानून के मुताबिक काम करना चाहिए। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि किसी फैसले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया या बहुमत का पालन नहीं हुआ, तो अदालत उस फैसले पर आगे कार्रवाई कर सकती है।
Form-6 में बदलाव पर भी सवाल
सुनवाई के दौरान मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में कथित बदलाव का मुद्दा भी उठा। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी संशोधित Form-6 को मंजूरी नहीं दी थी। इस मामले में भी अदालत रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर आगे विचार करेगी।
अभी अंतिम फैसला नहीं
सुप्रीम कोर्ट द्वारा CEC ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग पर अंतरिम राहत नहीं दिए जाने का मतलब यह नहीं है कि याचिकाएं अंतिम रूप से खारिज हो गई हैं। कोर्ट ने केंद्र, निर्वाचन आयोग और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसके बाद मामले में आगे सुनवाई होगी और अदालत रिकॉर्ड के आधार पर यह तय कर सकती है कि आरोपों में कोई कानूनी उल्लंघन हुआ है या नहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का रुख यही है कि पहले निर्वाचन आयोग और संबंधित पक्षों का पक्ष सुना जाए, उसके बाद ही मामले में आगे कोई आदेश दिया जाए।
संवदिया न्यूज – नई दिल्ली।
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