
मुरैना में आंगनबाड़ी भर्ती पर बड़ा बवाल! BA पास अभ्यर्थी को शून्य अंक देने का आरोप, 10 अंक जुड़ते ही मेरिट में हो जातीं टॉप
सबलगढ़ में भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल, CM हेल्पलाइन की शिकायत बंद करने के प्रयास का आरोप; गर्भवती अभ्यर्थी न्याय के लिए लगा रही गुहार
सबलगढ़/मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सबलगढ़ परियोजना के अंतर्गत ग्राम बौलाज सहरिया बस्ती में भर्ती को लेकर एक अभ्यर्थी ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि स्नातक (B.A.) उत्तीर्ण होने के बावजूद उन्हें मेरिट सूची में स्नातक के अतिरिक्त 10 अंक नहीं दिए गए, जिससे उनका चयन प्रभावित हुआ। वहीं, कम अंक पाने वाली अभ्यर्थी को प्रथम स्थान पर रखे जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
10 अंक मिलते तो मेरिट में पहले स्थान पर होतीं हलुकी रावत!
ग्राम बौलाज सहरिया बस्ती निवासी हलुकी रावत, पत्नी राजेश रावत, ने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए आवेदन क्रमांक 350811073 के तहत आवेदन किया था। शिकायत के अनुसार, हलुकी रावत स्नातक उत्तीर्ण हैं और उन्होंने आवेदन के साथ अपनी अंकसूची भी संलग्न की थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि भर्ती नियमों के परिशिष्ट-4 (ब) के तहत स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 10 अतिरिक्त अंक दिए जाने का प्रावधान है। इसके बावजूद जारी मेरिट सूची में उन्हें स्नातक के लिए शून्य अंक दिए गए।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वर्तमान मेरिट सूची में प्रथम स्थान पर दर्शाई गई सरिता रावत के 51.1 अंक हैं, जबकि हलुकी रावत के कुल अंक 45.6 बताए गए हैं। यदि उन्हें नियमानुसार 10 अतिरिक्त अंक दिए जाते, तो उनके कुल अंक 55.6 हो जाते और वह मेरिट में पहले स्थान पर पहुंच जातीं।
अब सवाल यह है कि स्नातक की अंकसूची संलग्न होने के बावजूद अतिरिक्त अंक क्यों नहीं दिए गए? क्या यह महज लिपिकीय त्रुटि है या चयन प्रक्रिया में कोई गंभीर अनियमितता हुई है? इसका जवाब विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगा।
CM हेल्पलाइन पर शिकायत, जवाब को लेकर भी सवाल
हलुकी रावत का आरोप है कि उन्होंने सबलगढ़ कार्यालय में दावा-आपत्ति दर्ज कराने के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी। शिकायत क्रमांक 39820158 के संबंध में उनका कहना है कि सबलगढ़ परियोजना अधिकारी द्वारा पुराना और अप्रासंगिक जवाब दर्ज कर शिकायत को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, शिकायत के निस्तारण से संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और जवाब की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई और क्या अभ्यर्थी की आपत्ति का नियमानुसार निराकरण हुआ।
गर्भवती अभ्यर्थी की परेशानी, न्याय के लिए भटकने का आरोप
शिकायतकर्ता हलुकी रावत वर्तमान में गर्भवती हैं। उनका कहना है कि न्याय की मांग को लेकर बार-बार जिला मुख्यालय मुरैना जाना उनके लिए कठिन हो रहा है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वह परेशान हैं।
उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
श्यामना भर्ती पर भी उठे सवाल, दो मार्कशीट में 90 अंकों का अंतर!
इसी बीच सबलगढ़ परियोजना के रामपुरकलां सेक्टर के ग्राम श्यामना में आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती को लेकर भी शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने भारती यादव के नाम से सामने आईं दो मार्कशीट में अंकों का अंतर होने का दावा किया है।
शिकायत के अनुसार, एक मार्कशीट में 500 में से 407 अंक और दूसरी में 317 अंक दर्ज बताए गए हैं। यानी दोनों दस्तावेजों में 90 अंकों का अंतर होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने अर्चना यादव को अपात्र घोषित किए जाने के आधार पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल के आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी। इस मामले में संबंधित अभ्यर्थियों और अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
प्रशासन के सामने बड़े सवाल
- स्नातक उत्तीर्ण होने के बावजूद हलुकी रावत को अतिरिक्त 10 अंक क्यों नहीं दिए गए?
- 10 अंक जुड़ने पर मेरिट बदलने की स्थिति में विभाग क्या कदम उठाएगा?
- CM हेल्पलाइन की शिकायत पर क्या जांच हुई और उसे बंद करने का आधार क्या था?
- श्यामना मामले में दोनों मार्कशीट का आधिकारिक सत्यापन क्यों नहीं कराया जाता?
- क्या दोनों भर्ती मामलों में चयन सूची, पात्रता और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होगी?
पीड़िता की मांग—मेरिट सुधरे, नियुक्ति पर रोक लगे
हलुकी रावत ने मांग की है कि उनके शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कर नियमानुसार अतिरिक्त अंक दिए जाएं और मेरिट सूची में आवश्यक सुधार किया जाए। साथ ही, जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बौलाज सहरिया बस्ती केंद्र पर सहायिका पद की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है।
अब निगाहें जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो भर्ती प्रक्रिया में सुधार और जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा। वहीं, निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट होगा कि यह अंक गणना की त्रुटि है या चयन प्रक्रिया में कोई अन्य अनियमितता हुई है।
श्यामना आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती पर उठे सवाल, दो मार्कशीट में 90 अंकों का अंतर होने का दावा
शिकायतकर्ता ने भारती यादव के दस्तावेजों के सत्यापन और चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की, अर्चना यादव को अपात्र किए जाने पर भी उठाए सवाल
Morena, Morena | Oct 22, 2026