
संजय सेतु: 9 करोड़ का 'मरम्मत खेल', एक महीने में ही खुली पोल!
यूपी के बहराइच-लखनऊ मार्ग पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है, या यूं कहें कि उनके सब्र का इम्तिहान लेने वाली खबर है। जरवल रोड पर स्थित संजय सेतु, जो आए दिन अपनी बदहाली को लेकर सुर्खियों में रहता है,
बहराइच को राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला यह संजय सेतु एक बार फिर हादसों को दावत दे रहा है। इस पुल का ज्वाइंटर बार-बार खुल जाता था, जिससे निपटने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भारी-भरकम बजट जारी किया। पूरे 9 करोड़ रुपए की लागत से यहाँ मरम्मत का काम शुरू हुआ। जनता ने परेशानी झेली, क्योंकि इस काम के चलते करीब दो महीने तक आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध रहा।
लोगों को लगा कि चलिए, दो महीने की तकलीफ के बाद अब सफर सुरक्षित और आसान हो जाएगा। लेकिन... दावों की हवा निकलने में एक महीना भी नहीं लगा।
अभी रास्ता खुले एक महीना भी पूरा नहीं बीता है और उसी वीआईपी ज्वाइंटर में दोबारा बड़ा होल यानी गड्ढा हो गया है। 9 करोड़ रुपए पानी की तरह बह गए, दो महीने तक जनता जाम और रूट डायवर्जन से हलाकान होती रही, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात! कंक्रीट की जगह भ्रष्टाचार की ऐसी मिलावट की गई कि गाड़ियों के चार पहिए निकलते ही पुल ने फिर से दम तोड़ दिया।
और सबसे बड़ा सवाल—जनता की जान को जोखिम में डालने वाले इन ठेकेदारों और जिम्मेदार अफसरों पर गाज कब गिरेगी?