
खुद में खोजी खुशी, बच्चों तक पहुंचाएंगे खुशहाली सीखने का संदेश
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय, रचनात्मक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से डाइट शाहपुरा में आयोजित पाँच दिवसीय “खुशीशाला—खुशी, खुद की खोज” प्रशिक्षण का आज 2 अक्टूबर को समापन हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण प्रक्रियाओं से परिचित करवाना रहा, जिनके माध्यम से कक्षा-कक्ष में बच्चों के लिए सीखना बोझ न होकर खुशी, उत्साह और अनुभव का माध्यम बन सके।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों, समूह कार्य, संवाद, रचनात्मक अभ्यास एवं अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से “खुशी, खुद की खोज” की अवधारणा को समझा और स्वयं अनुभव किया। प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बच्चों के समग्र विकास के लिए विद्यालय में सुरक्षित, सकारात्मक और आनंदपूर्ण वातावरण का निर्माण आवश्यक है।
प्रशिक्षण में एसआरजी सीताराम चौधरी एवं शिवचरण शर्मा ने संदर्भ व्यक्तियों के रूप में विभिन्न सत्रों का संचालन किया। उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षण, बाल-केंद्रित दृष्टिकोण तथा बच्चों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के लिए अनेक व्यावहारिक गतिविधियाँ करवाईं।
डीआरयू प्रभारी अमित सोनी के समन्वय में आयोजित प्रशिक्षण में क्षमतालय फाउंडेशन की प्रतिनिधि रेशमा कुमारी ने भी सहभागिता की। उन्होंने खुशीशाला की अवधारणा, बच्चों की भावनात्मक आवश्यकताओं तथा सीखने की प्रक्रिया में खुशी और सकारात्मकता की भूमिका पर प्रशिक्षणार्थियों के साथ संवाद किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने सभी गतिविधियों में सहभागी होकर संदेश दिया गया कि “खुशहाल शिक्षक, खुशहाल कक्षा और खुशहाल बच्चा”—आनंदमय एवं प्रभावी शिक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।