
नेटवर्क विहीन खैरवी: उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी और एयरटेल की उदासीनता
डिजिटल भारत की डिजिटल व्यवस्था नेटवर्क की गुणवत्ता से संचालित और प्रभावित होती है किंतु नेटवर्क की अनुपलब्धता आज लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।जवाहर नवोदय विद्यालय, खैरवी (सीतामढ़ी) में नियमों के उल्लंघन के कारण निर्माणाधीन छात्रावास की छत से एयरटेल का टावर क्या हटा, क्षेत्र की पूरी संचार व्यवस्था ही वेंटिलेटर पर आ गई। विदित हो कि इस पूरे क्षेत्र में एयरटेल का एकमात्र टावर लगा था जो कि नियमों के विरुद्ध था जिस कारण से दिनांक 09/09/2026 को टावर हटाने के बाद एयरटेल कंपनी ने किसी अन्य स्थान पर नया टावर लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कंपनी के इस ढुलमुल रवैये का खामियाजा अब नवोदय विद्यालय के कर्मचारियों, शिक्षकों और आसपास के गांवों की हजारों की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।
क्षेत्र में नेटवर्क गायब है। स्थिति यह है कि न कॉल आ पा रही है और न ही जा पा रही है। हर महीने पूरा रिचार्ज कराने के बाद भी सेवाएं शून्य हैं, जिससे लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
*पोर्ट का सहारा, पर राहत नहीं*
एयरटेल की इस अनदेखी से परेशान होकर उपभोक्ता मजबूरी में अपनी सिम दूसरी कंपनियों में पोर्ट करा रहे हैं। हालांकि, अन्य नेटवर्क की स्पीड भी इतनी सुस्त है कि समस्या जस की तस बनी हुई है। छात्रों की पढ़ाई से लेकर आपातकालीन चिकित्सा तक, हर जरूरी सेवा इस ठप नेटवर्क के कारण बाधित हो रही है।
*सवाल उपभोक्ता अधिकारों का*
पैसे पूरे लेने के बाद सेवाएं न देना और शिकायतों के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था न करना सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि उपभोक्ताओं की इस गंभीर असुविधा पर बात करने या जवाबदेही तय करने वाला कोई नहीं है। यदि कंपनी ने जल्द ही नए टावर के लिए कदम नहीं उठाए, तो स्थानीय लोग और विद्यालय परिवार उग्र आंदोलन और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत कदम उठाने को विवश होंगे।