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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विकास कार्यों एवं खरीद प्रस्तावों को मिली मंजूरी सड़क, सीवरेज और बिजली ढांचे से जुड़े विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार एचपीपीसी और एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक में 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव स्वीकृत नेगोसिएशन से 15.11 करोड़ रुपये की बचत हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार देर सायं चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) तथा हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित खरीद एवं विकास कार्यों के कुल 340 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही विभिन्न बोलीदाताओं के साथ विस्तृत नेगोसिएशन के उपरांत दरों का पुनर्निर्धारण कर लगभग 15.11 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई। बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा तथा लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा उपस्थित रहे। बैठक में हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) के समक्ष कुल 10 एजेंडा रखे गए, जिनका कुल मूल्य 259.20 करोड़ रुपये था। इनमें से एक मामला स्थगित किए जाने के बाद शेष 9 एजेंडा प्रस्तावों का कुल मूल्य 225.76 करोड़ रुपये रहा। विभिन्न बोलीदाताओं के साथ सफल नेगोसिएशन के बाद इन प्रस्तावों का मूल्य 217.68 करोड़ रुपये तय किया गया, जिससे 8.08 करोड़ रुपये की बचत हुई। इसी प्रकार, उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (HPPC) की बैठक में कुल 5 एजेंडा रखे गए, जिनका कुल मूल्य 158 करोड़ रुपये था। इनमें से एक एजेंडा वापस लिए जाने के बाद शेष 4 प्रस्तावों का कुल मूल्य 130.19 करोड़ रुपये रहा। नेगोसिएशन के उपरांत इन प्रस्तावों का संशोधित मूल्य 123.16 करोड़ रुपये तय हुआ, जिससे 7.03 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित की गई। इस प्रकार दोनों समितियों में स्वीकृत प्रस्तावों का कुल मूल्य 355.95 करोड़ रुपये रहा, जिसे नेगोसिएशन के बाद 340.84 करोड़ रुपये पर अंतिम रूप दिया गया और कुल 15.11 करोड़ रुपये की बचत हुई। विभिन्न विभागों के विकास एवं खरीद कार्यों को स्वीकृति बैठक में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी पिल्फर रेजिस्टेंट मीटरिंग क्यूबिकल्स की आपूर्ति हेतु रेट कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी प्रदान की गई। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए 11 केवी वीसीबी पैनल, इनकम एवं आउटगोइंग पैनल, कैपेसिटर कंट्रोल पैनल तथा सब-स्टेशन ट्रांसफॉर्मर पैनलों की खरीद हेतु रेट कॉन्ट्रैक्ट को स्वीकृति दी गई। हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ लिमिटेड द्वारा केंद्र सरकार की एनपीडीडी योजना के अंतर्गत पीपीपी मोड पर संचालित की जाने वाली प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के तहत गुरुग्राम के सेक्टर-78 और 80 के मध्य मास्टर रोड एवं सर्विस रोड के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण में सेक्टर-9, 10, 14, 15, 15ए, 16, 17, 18, 19, 29, 30, 31, 32, 34, 35 और 37 के ग्रीन बेल्ट तथा पार्कों के लिए छह माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, उनसे संबंधित आधारभूत ढांचे के निर्माण तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई। सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत कुंडली में सीवर लाइनें बिछाने एवं मैनहोल निर्माण, खरखौदा में वर्षा जल निकासी व्यवस्था एवं नालों के निर्माण, जीटी रोड से दीवान फार्म तक 65 मीटर चौड़ी सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा कुंडली में 7.50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के तहत पंचकूला औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 एवं फेज-2 के लिए 20 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 50 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण, मौजूदा 67.5 एमएलडी क्षमता के मुख्य पंपिंग स्टेशन के सुदृढ़ीकरण, 15 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बढ़ाकर 30 एमएलडी क्षमता तक करने तथा पिंजौर-कालका शहरी परिसर के सेक्टर-29 में 10 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं मुख्य पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सामग्री की आपूर्ति गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, शहरी विकास के प्रधान सलाहकार श्री डी. एस. ढेसी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Panipat, Panipat | Jul 7, 2026

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अगर नहर में लड़का-लड़की ने लगाई छलांग...
नहर किनारे खड़ी मिली कार, मौके पर पहुची पुलिस और फॉरेंसिक टीम part-2
#Faridabad 
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Panipat, Panipat | Jul 11, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात तक ली वीडियो कॉन्फ्रेंस।* 

 प्रदेश के सभी उपायुक्तों से की बात।

उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को कराया परिस्थितियों से अवगत, कहा शहर में जल भराव की नहीं आएगी समस्या।

पानीपत 11 जुलाई– मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों से बात की और मानसून को देखते हुए प्रशासन से सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव, बाढ़ तथा अन्य संभावित आपदाओं से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
        वीडियो कांफ्रेंस में डीसी डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शहर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और कहा कि शहर की मुख्य ड्रेनेज की सफाई करवा दी गई है। यमुना क्षेत्र से लगते तटबंध और गांव का भी निरीक्षण किया गया है और लोगों को एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। वे स्वयं भी बारिश के मौसम को देखते हुए विभिन्न स्थानों का दौरा कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस समय अलर्ट रहें।
           उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने वीडियो कांफ्रेंस के बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में नालों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की निरंतर उपलब्धता, सड़क मार्गों की निगरानी तथा स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगर निकाय के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करने तथा नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव दल, आवश्यक उपकरण, नावें, पंपिंग सेट तथा अन्य संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के लिए कहा गया। साथ ही उन्होंने नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।
      डीसी ने यमुना क्षेत्र से लगते सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से यमुना में ना जाएं और ना ही नहाए। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि ज्यादा वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या नियंत्रण कक्ष को दें।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास एवं जनसहयोग से मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा। बैठक में निगम आयुक्त डॉ पंकज यादव, जिला परिषद की सीईओ डॉक्टर किरण सिंह, एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप सिंह,एसडीएम समालखा अमित कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात तक ली वीडियो कॉन्फ्रेंस।* प्रदेश के सभी उपायुक्तों से की बात। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को कराया परिस्थितियों से अवगत, कहा शहर में जल भराव की नहीं आएगी समस्या। पानीपत 11 जुलाई– मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी उपायुक्तों से बात की और मानसून को देखते हुए प्रशासन से सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जलभराव, बाढ़ तथा अन्य संभावित आपदाओं से निपटने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वीडियो कांफ्रेंस में डीसी डॉक्टर हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को शहर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और कहा कि शहर की मुख्य ड्रेनेज की सफाई करवा दी गई है। यमुना क्षेत्र से लगते तटबंध और गांव का भी निरीक्षण किया गया है और लोगों को एहतियात बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं। वे स्वयं भी बारिश के मौसम को देखते हुए विभिन्न स्थानों का दौरा कर रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस समय अलर्ट रहें। उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने वीडियो कांफ्रेंस के बाद संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बैठक में नालों एवं जल निकासी तंत्र की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की निरंतर उपलब्धता, सड़क मार्गों की निगरानी तथा स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नगर निकाय के अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करने तथा नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव दल, आवश्यक उपकरण, नावें, पंपिंग सेट तथा अन्य संसाधनों को पूरी तरह तैयार रखने के लिए कहा गया। साथ ही उन्होंने नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । डीसी ने यमुना क्षेत्र से लगते सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से यमुना में ना जाएं और ना ही नहाए। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि ज्यादा वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या नियंत्रण कक्ष को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास एवं जनसहयोग से मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा। बैठक में निगम आयुक्त डॉ पंकज यादव, जिला परिषद की सीईओ डॉक्टर किरण सिंह, एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप सिंह,एसडीएम समालखा अमित कुमार, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता सुरेश सैनी जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता करण बहल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Panipat, Panipat | Jul 11, 2026