
सफलता की कहानी
आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मा कचेर बनीं सशक्त और आत्मनिर्भर
ब्यूटी पार्लर से कमा रहीं 15 हजार रुपये प्रतिमाह
ग्राम खन्नौधी निवासी आत्मा कचेर ने आजीविका मिशन से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद मिले प्रशिक्षण, सहयोग और ऋण का लाभ उठाकर उन्होंने अपना स्वयं का ब्यूटी पार्लर शुरू किया और आज लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित कर परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं।
आत्मा कचेर का जन्म एक गरीब पिछड़ा वर्ग परिवार में हुआ। उन्होंने कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की। करीब 20 वर्ष की उम्र में उनका विवाह ग्राम खन्नौधी निवासी सिद्धमुनी कचेर से हुआ। उनके पति खेती का कार्य करते थे। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच परिवार का जीवन आगे बढ़ रहा था।
आत्मा बताती हैं कि जून 2014 में वे आजीविका मिशन से जुड़ीं और स्व-सहायता समूह की सदस्य के रूप में कार्य प्रारंभ किया। मिशन से जुड़ने के बाद उन्होंने ग्राम खन्नौधी में कई स्व-सहायता समूहों के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही कृषि, पशुपालन, ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन की अवधारणा, बुककीपिंग, सोशल मोबिलाइजेशन एवं एमसीपी जैसे विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने समूह, ग्राम संगठन एवं संकुल संगठन से जुड़ी महिलाओं को भी इन विषयों के प्रति जागरूक किया।
आत्मा ने स्व-सहायता समूह से एक लाख रुपये का ऋण लेकर अपना ब्यूटी पार्लर व्यवसाय प्रारंभ किया। मेहनत और लगन से उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया और वर्तमान में इससे लगभग 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में भी मदद मिल रही है।
आत्मा कचेर कहती हैं कि “जब से मैं आजीविका मिशन से जुड़ी हूं, तब से मेरे जीवन में बड़ा बदलाव आया है। समूह से मिले सहयोग और प्रशिक्षण ने मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज मैं अपना व्यवसाय संचालित कर आय अर्जित कर रही हूं। इससे परिवार में मेरी भूमिका मजबूत हुई है और समाज में भी मुझे सम्मानजनक स्थान मिला है।”
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