
विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन को दिए आवश्यक निर्देश
मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्युत आपूर्ति उपकरणों की सुरक्षा, विद्युत संरचनाओं की चोरी की रोकथाम तथा इस संबंध में की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में औरंगाबाद जिला से जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के साथ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गौरव सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अवगत कराया गया कि कृषि फीडर, 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत लाइन, वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर), एल.टी. ए.बी. केबल, कंडक्टर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं की चोरी अथवा क्षति से विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, राजस्व की हानि होती है, मरम्मत कार्य में अतिरिक्त समय एवं व्यय लगता है तथा किसानों एवं आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में अब तक 1,228 स्थलों पर विद्युत संरचनाओं की क्षति दर्ज की गई है तथा 798 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इस दौरान लगभग 42 किलोमीटर 33 केवी लाइन, 2,748 किलोमीटर 11 केवी लाइन तथा 1,177 किलोमीटर एल.टी. ए.बी. केबल क्षतिग्रस्त अथवा चोरी से प्रभावित हुई है। वहीं 1,680 वितरण ट्रांसफार्मर कॉयल अथवा तेल चोरी के कारण प्रभावित हुए हैं।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार औरंगाबाद जिले में अब तक विद्युत संरचना क्षति के 02 स्थल चिन्हित हुए हैं तथा 02 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जिले में लगभग 3.70 किलोमीटर 11 केवी विद्युत लाइन एवं 2 किलोमीटर एल.टी. ए.बी. केबल प्रभावित हुई है, जबकि ट्रांसफार्मर की कॉयल अथवा तेल चोरी की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत संरचना की चोरी एवं क्षति की घटनाओं की रोकथाम हेतु पुलिस एवं विद्युत विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। चोरी प्रभावित क्षेत्रों, कृषि फीडरों एवं विद्युत उपकेंद्रों के आसपास नियमित गश्ती, सतत निगरानी एवं विशेष चौकसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही दर्ज प्राथमिकी का त्वरित अनुसंधान, अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई तथा संगठित रूप से चोरी करने वाले गिरोहों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीमावर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में विद्युत अवसंरचनाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्युत विभाग एवं पुलिस प्रशासन के बीच सतत समन्वय बनाए रखा जाए।
विद्युत संरचनाओं की चोरी अथवा क्षति की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। #thesilencemedianews #abhilashasharmaias #aurangabad #daudnagar #औरंगाबाद #विद्युतचोरी