
मृत्यु के मुहाने से लौटीं 75 वर्षीय शांति देवी, सिवाच अस्पताल में मिला नया जीवन
फतेहाबाद, 16 जुलाई । 75 वर्षीय श्रीमती शांति देवी को गंभीर सेप्टीसीमिक शॉक और गैंग्रीन से ग्रस्त पित्ताशय की जटिल स्थिति में सिवाच मैटरनिटी एवं सर्जिकल अस्पताल में नया जीवन मिला। अस्पताल के अनुसार जनवरी 2025 में भर्ती के समय संक्रमण पूरे शरीर में फैल चुका था और उनकी हालत बेहद नाजुक थी।
परिजनों ने बताया कि पहले हिसार और बाद में जयपुर के एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उनका उपचार कराया गया, जहां कई दिनों तक इलाज पर लगभग 14 लाख रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और बाद में उन्हें घर ले जाने की सलाह दी गई। अंतिम उम्मीद के तौर पर परिजन उन्हें फतेहाबाद स्थित सिवाच अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. वीरेन्द्र सिवाच और उनकी टीम ने मरीज की गंभीर स्थिति का आकलन कर उच्च जोखिम वाली शल्य चिकित्सा करने का निर्णय लिया। सफल ऑपरेशन के बाद आईसीयू में लगातार निगरानी और उपचार से उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और वे स्वस्थ होकर घर लौट सकीं।
अस्पताल के अनुसार अब करीब डेढ़ वर्ष बाद शांति देवी पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं। डॉ. वीरेन्द्र सिवाच ने बताया कि सिवाच अस्पताल पिछले 35 वर्षों से जटिल एवं उच्च जोखिम वाली शल्य चिकित्साओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार, अनुभवी चिकित्सकों की टीम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से गंभीर मरीजों को भी नया जीवन दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का कर्तव्य अंतिम क्षण तक पूरी निष्ठा के साथ मरीज के जीवन को बचाने का प्रयास करना है।