
भ्रष्टाचारियों पर हरियाणा विजिलेंस का बड़ा प्रहार, रिश्वतखोर अधिकारियों के लिए 'दूर-दराज तबादला नीति' की सिफारिश
हरियाणा स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मुख्यमंत्री से सिफारिश की है कि रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दोबारा उसी जिले या उसी पद पर तैनात न किया जाए। ऐसे कर्मचारियों का तबादला कम से कम 100 किलोमीटर दूर किया जाए ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके और रिश्वतखोरों में भय का माहौल बने।
पंचकूला में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसीबी प्रमुख ए.एस. चावला ने बताया कि ब्यूरो ने ऐसे करीब 35 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची सरकार को सौंपी है, जिन्हें रिश्वत के मामलों में गिरफ्तार किए जाने के बावजूद दोबारा उसी जिले या समान पदों पर नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस संबंध में बड़ा फैसला ले सकती है।
चावला ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक एसीबी ने 67 अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह औसतन हर दो दिन में एक गिरफ्तारी के बराबर है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने वाले पांच पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इन अधिकारियों को मेडल और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
एसीबी प्रमुख ने बताया कि ब्यूरो जल्द ही एक मोबाइल एप लॉन्च करने जा रहा है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक रिश्वत मांगने वाले व्यक्ति की शिकायत सीधे दर्ज करा सकेगा। शिकायत मिलने पर एसीबी तत्काल कार्रवाई करेगी।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इस अवधि में ग्रुप-बी के 8 तथा ग्रुप-सी के 51 अधिकारियों और कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़ा गया है। इसके अलावा लगभग 40 विभागों की जांच की गई, जिनमें से 36 जांच पूरी हो चुकी हैं। जांच के आधार पर 63 राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा 4 राजपत्रित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
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