
जालोर के भंवरानी गांव से करीब 64 साल के वैवाहिक साथ की भावुक कहानी सामने आई है। करीब 90 वर्ष की उम्र में दरगाराम प्रजापत और उनकी पत्नी पुनीदेवी ने एक ही दिन दुनिया को अलविदा कह दिया।
परिवार के अनुसार, शुक्रवार सुबह पुनीदेवी को अचानक चक्कर आया और कुछ ही देर बाद उनका निधन हो गया। पत्नी की मौत की खबर मिलने के बाद दरगाराम भी व्यथित हो गए। इसके करीब एक घंटे बाद उनकी भी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ली।
अगले दिन दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई। परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों की अर्थियों को विवाह की तरह गठजोड़े में बांधकर अंतिम विदाई दी गई। इसके बाद दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके ज्येष्ठ पुत्र कालूराम ने दोनों को मुखाग्नि दी।
दरगाराम अपने सरल और सादगीपूर्ण स्वभाव के लिए गांव में जाने जाते थे। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, दोनों आध्यात्म, गौसेवा और सेवा भाव से जुड़े जीवन के लिए भी पहचाने जाते थे।
दोनों के चार बेटे हैं और परिवार भरा-पूरा है। उनके निधन के बाद भंवरानी गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के बीच 64 साल तक साथ निभाने वाले इस दंपत्ति की एक साथ हुई अंतिम विदाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
Gormi, Bhind | Aug 23, 2026