
ठाड़ी गांव में अतिक्रमण हटाने पर जमकर हुआ बवाल, जेसीबी में लगी आग, वन विभाग-ग्रामीण आमने-सामने, कई घायल।
बेतिया/वाल्मीकिनगर: वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव के समीप गुरुवार को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय हिंसक हो गई, जब वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण आमने-सामने आ गए। कार्रवाई के दौरान खेत में लगी गन्ने की फसल को बुलडोजर से जोतने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और ग्रामीण जुट गए तथा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच एक जेसीबी मशीन में आग लग गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में उत्तर मुखिया, लक्ष्मी नारायण, इंदल महतो, सरल मुखिया सहित एक महिला समेत कुल छह ग्रामीण घायल हो गए। सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से दल-बल के साथ ठाढ़ी गांव पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और वन कर्मियों को घेर लिया। हालात तेजी से बिगड़ने लगे तो वन विभाग ने तत्काल वाल्मीकिनगर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बगहा एसडीपीओ निहार भूषण, एसएसबी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत तथा पुलिस बल मौके पर पहुंच स्थिति को नियंत्रण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थिति को नियंत्रण में लेने के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा किसी बड़ी घटना को टाल दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वन विभाग का आरोप है कि उग्र ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि आग वन कर्मियों द्वारा लगाई गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद ठाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।