
भाट ब्राह्मण कल्याण समिति ने OBC और ST अधिकारों के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमत्री जयराम ठाकुर व राज्यपाल से की मुलाकात..
सबसे तेज खबर/ पांवटा साहिब (नीलम ठाकुर )
भाट ब्राह्मण कल्याण समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाटी पुत्र एवं पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तथा राज्यपाल से मुलाकात कर हाटी समुदाय से जुड़े OBC और ST अधिकारों के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि हाटी समुदाय के OBC वर्ग के हितों की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि OBC राज्य सरकार का विषय है और यदि वर्तमान सरकार चाहे तो अधिसूचना जारी कर समाज की आशंकाओं को दूर कर सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हाटी समुदाय को उनके अधिकार दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त शर्मा, महासचिव ओम प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष आत्मा राम शर्मा, सदस्य राम लाल शर्मा, अरविंद शर्मा और अनुज शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि भी इस दौरान उपस्थित रहे।
समिति ने कहा कि हाटी समुदाय को केंद्र सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा प्रदान किया जा चुका है, जबकि भाट ब्राह्मण एवं अन्य उपजातियां राज्य की OBC सूची में भी शामिल हैं। ऐसे में समाज के पात्र लोगों को दोनों श्रेणियों के अधिकार मिलने चाहिए। समिति ने वर्तमान राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह उच्च न्यायालय में हाटी समुदाय के जनजातीय दर्जे का मजबूती से पक्ष रखे तथा OBC वर्ग के अधिकारों को भी सुरक्षित बनाए रखे। समिति का कहना है कि OBC सूची राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है और सरकार स्पष्ट अधिसूचना जारी कर समाज को आश्वस्त कर सकती है कि OBC अधिकारों में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी। महासचिव ओम प्रकाश शर्मा ने समाज से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में OBC आरक्षण का लाभ मिल रहा है और ST दर्जा भी प्रदान किया जा चुका है। हालांकि ST प्रमाण पत्र जारी करने का मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए फिलहाल उस पर रोक लगी हुई है। जैसे ही उच्च न्यायालय द्वारा लगाया गया अंतरिम स्थगन आदेश हटेगा, पात्र हाटी समुदाय के लोगों को ST प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज को किसी भी राजनीतिक भ्रम या भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए तथा आपसी एकता और सामंजस्य बनाए रखना चाहिए। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में OBC अधिकारों पर किसी भी प्रकार की आंच आती है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।