
#गुना - जिले में ई-टोकन के माध्यम से किया जा रहा है खाद वितरण
सभी किसान भाईयो को सूचित किया जाता है कि जिले की 86 सहकारी समिति, 7 डबल लॉक केन्द्रो एवं 108 निजी विक्रेताओ द्वारा ई-विकास प्रणाली के माध्यम से खाद वितरण कार्य किया जा रहा है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्येक डबल लॉक केन्द्र पर 300-300 टोकन तथा सहकारी समितियों, एमपी एग्रो एवं निजी विक्रेताओ के 100-100 टोकन जारी किये जा रहे है। ई-विकास पोर्टल पर आज दिनाक तक 50252 कृषक पंजीकृत है जिसमें से 21201 कृषको द्वारा ई-टोकन से खाद का उठाव कर लिया गया है। यूरिया 8964 मे.टन, टी.एस.पी.-769 मे.टन, एस.एस.पी.-3457 मे.टन, एन.पी.के. 3379 मे.टन एवं एमओपी 102 मे.टन कृषको को वितरण हेतु उपलब्ध है। जिले में यूरिया-8594 मे.टन, डी.ए.पी./टी.एस.पी.-2956 मे.टन, एस.एस.पी.-699 मे.टन, एन.पी.के.- 4123 मे.टन एवं एमओपी 31 मे.टन खाद का वितरण ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कृषको को किया जा चुका है।
जिले में 2 रैक डीएपी एवं 2 रैंक एनपीके खाद की मांग की गई है। जिसमे से एक रैक चंबल कंपनी एनपीके खाद (12:32:16) कल दिनांक 05.06.2026 तक प्राप्त होने वाली है एवं एक एन.पी.के. (20:20:0:13) रैक कोरोमण्डल कंपनी की इसी सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है। जिनको सभी सहकारी समितियों/डबल लॉक केन्द्र/निजी डीलर एवं एमपी एग्रो के माध्यम से विक्रय किया जावेगा।
सभी किसान भाईयों से अनुरोध है कि जो किसान भाई जिस सहकारी समिति के सदस्य है, सिर्फ वह किसान उसी सहकारी समिति का ई-टोकन बुक कर खाद प्राप्त कर सकते है। अन्य किसान जो सहकारी समिति के सदस्य नहीं है। जो किसान सहकारी समिति का सदस्य नहीं है, उसे सहकारी समिति से ई-टोकन बुक करने के उपरांत भी सहकारी समिति से खाद उपलब्ध नहीं होगा। अन्य किसान डबल लॉक केन्द्र, एम.पी. एग्रो, निजी उर्वरक विक्रेता का चुनाव कर ई-टोकन बुक कर खाद क्रय कर सकते है।
ऐसे किसान जिनके पास एग्रीस्टेक आईडी उपलब्ध नहीं है। वह किसान पोर्टल पर प्रदर्शित विकल्प (सिक्मी किसान/बटाईदार/राजस्व एवं वन पट्टाधारी किसान/मृत/वृद्ध किसान/मंदिर/ट्रस्ट आदि) का ई-विकास प्रणली में चुनाव कर सकता है। उक्त विकल्पिक किसान का सत्यापन संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी द्वारा किये जाने पर नियमानुसार ई-टोकन जनरेट किया जा सकता है।
जिले की सहकारी समिति पेंची, आमासेर, चांचौडा, तेलीगांव, खातोली, मुरादपुर, नानाखेडी, कुंभराज, आरोन, मूडराखुर्द, सालय, झाझौन, बडोद, तुलसीखेडी, कैकडीमई, राधौगढ़, आवन, गांवरी, रामनगर, रूठियाई, मृगवास, सानई, भमावद, सिंगनपुर, करमोदिया, मधुसूदनगढ़, भादौर, रामपुर, डगराई, देहरीकला, शहरोक आदि समितियों में यूरिया उर्वरक पहुंच चुका है एवं कल सहकारी समिति, गढलाउजारी, बजरंगगढ़ ,ढोलवाज तथा तरावटा समितियों में भी यूरिया खाद पहुंच जायेगा। शेष सभी सहकारी समितियों में भी आगामी दिनो में खाद उपलब्ध कराया जा रहा है तथा जिले में प्राप्त होने वाली रेल्वे रैक से सभी 86 सहकारी समितियों को एन.पी.के. खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे सहकारी समिति के ऋणी सदस्य ई-टोकन के माध्यम से बुक कर खाद क्रय कर सकते है।
कृषक भाई फसल की बोबनी हेतु डीएपी के स्थान पर एन पी के (10:26:26, 12:32:16, 20:20:0:13 आदि) उर्वरक का उपयोग अधिक प्रभावी है । एवं कृषक अपनी फसलों में समय से नेनौ उर्वरकेां का प्रयोग भी कर सकतें है जो आसानी से उपलब्ध होने के साथ ही दानेंदार यूरिया के समान ही प्रभावी है ।
#Guna CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh Department of Agriculture, Madhya Pradesh