
आस्था, शक्ति और भक्ति का महापर्व 'शारदीय नवरात्रि' इस वर्ष 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, रविवार को घटस्थापना होने से जगतजननी मां दुर्गा का आगमन गजराज (हाथी) पर हो रहा है। देवी भागवत के अनुसार, माता का हाथी पर सवार होकर आना ज्ञान, शांति, समृद्धि और कृषि संपन्नता का प्रतीक है, जिससे आने वाले वर्ष में उत्तम वर्षा और बेहतर फसलों के शुभ संयोग बनेंगे। इस पावन अवसर पर शक्ति स्वरूपा मां के नौ रूपों के पूजन और दुर्गा सप्तशती के पाठ से साधक को आरोग्य, वैभव और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना और अखंड ज्योति प्रज्वलन के लिए सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। यदि श्रद्धालु इस समयावधि में पूजन न कर पाएं, तो वे दोपहर 11:45 से 12:40 बजे तक 'अभिजीत मुहूर्त' में कलश स्थापना कर सकते हैं। गज पर मां जगदंबा का यह शुभागमन समस्त समाज के लिए मंगलकारी और फलदायी सिद्ध होगा। जय माता दी!
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