
*हाट-बाजारों से पंचायतों तक गूंजा नशामुक्ति का संदेश, जागरूकता अभियान में ग्रामीणों की बढ़ी भागीदारी*
निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान के तहत शनिवार को जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के छठे दिन गांवों, पंचायतों, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए गए।
अभियान के अंतर्गत संचालित पांच प्रचार रथों ने चौपारण, पदमा, टाटीझरिया, सदर एवं बड़कागांव प्रखंड के विभिन्न गांवों और पंचायतों का भ्रमण किया। प्रचार रथों पर प्रसारित ऑडियो संदेशों एवं लघु फिल्मों के माध्यम से लोगों को बताया गया कि नशे की प्रवृत्ति किस प्रकार व्यक्ति, परिवार और समाज को प्रभावित करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रथों के पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लिया तथा नशामुक्ति संबंधी जानकारियां प्राप्त कीं।
वहीं दूसरी ओर, जिले के विभिन्न बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर 10 सांस्कृतिक दलों द्वारा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों में नशे से उत्पन्न सामाजिक समस्याओं, पारिवारिक विघटन, आर्थिक नुकसान एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप से दर्शाया। नुक्कड़ नाटकों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति सकारात्मक संवाद स्थापित किया।
कार्यक्रमों के दौरान युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। जागरूकता अभियान के तहत लोगों के बीच नशामुक्ति संबंधी पंपलेट वितरित किए गए तथा उन्हें नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।
अभियान के समापन पर उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली और अपने गांव तथा आसपास के क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया। जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह अभियान आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा।