
कैंसर से पिता को खोने का दर्द बना हौसला, मां की मेहनत से रिया ने NEET में पाई सफलता
पलिया कलां, खीरी।
कहते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी कठिनाइयां ही कई बार सबसे बड़े सपनों की नींव बन जाती हैं। पलिया की होनहार छात्रा रिया गुप्ता ने इसे सच साबित कर दिखाया है। बचपन में पिता को कैंसर के कारण खोने का दर्द, घर की आर्थिक तंगी और मां के अथक संघर्ष के बीच पली-बढ़ी रिया ने NEET-2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 16,000 प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे पलिया क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
रिया जब महज पांच वर्ष की थीं, तभी उनके पिता का कैंसर के कारण निधन हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनका समुचित इलाज भी नहीं हो सका। पिता को बीमारी से जूझते हुए खोने की घटना ने रिया के मन पर गहरी छाप छोड़ी। उसी समय उन्होंने संकल्प लिया कि वह डॉक्टर बनेंगी, ताकि भविष्य में ऐसे गरीब और जरूरतमंद मरीजों की मदद कर सकें, जो आर्थिक अभाव के कारण बेहतर इलाज से वंचित रह जाते हैं।
पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां गीता गुप्ता के कंधों पर आ गई। उन्होंने सिलाई का काम कर घर का खर्च चलाया और सीमित आय के बावजूद बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने रिया के सपनों को टूटने नहीं दिया। मां के त्याग, संघर्ष और विश्वास ने ही रिया को हर मुश्किल से लड़ने की ताकत दी।
रिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पलिया से पूरी की। इसके बाद डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए वह हल्द्वानी गईं, जहां उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ NEET की तैयारी की। वर्षों की कठिन मेहनत का परिणाम इस वर्ष सामने आया, जब उन्होंने NEET-2026 में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 16,000 प्राप्त कर पलिया का नाम रोशन किया।
रिया का कहना है कि उनका सपना केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि ऐसे मरीजों की सेवा करना है जो आर्थिक तंगी के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते। वह चाहती हैं कि भविष्य में किसी परिवार को वैसी बेबसी का सामना न करना पड़े, जैसा उनके परिवार ने किया था।
रिया की सफलता केवल एक परीक्षा में मिली उपलब्धि नहीं, बल्कि एक संघर्षशील मां के त्याग, एक बेटी के अटूट संकल्प और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की मिसाल है। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और परिवार का साथ मिले, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। आज रिया गुप्ता की यह उपलब्धि पूरे पलिया और खीरी जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है। #Facebookviralreels #dmkheri #followers #highlights