
BJP Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू, छोटी जीत-हार के इर्द-गिर्द रचा जा रहा बड़ी जीत का सियासी रोडमैप
संगरिया की आवाज़।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियों को बढ़ा दिया है। सभी पार्टियाँ अलग-अलग चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही हैं। पार्टियों की रणनीति अब उन सीटों पर भी केंद्रित हो गई है, जहाँ पिछली बार जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा था। बीजेपी, समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस का ऐसे विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस है, जहाँ 2022 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 91 सीटों पर जीत-हार का अंतर 5,000 वोटों से कम था। राजनीतिक दलों का आकलन है कि अगर इन सीटों पर 2-3% वोटों का भी रुख बदलता है, तो दर्जनों सीटों के नतीजे बदल सकते हैं।
🎯किसकी क्या तैयारी?
🪷बीजेपी
बीजेपी का फोकस करीबी मुकाबले वाली सीटों पर रहेगा। सत्तारूढ़ पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन सीटों को सुरक्षित रखना है, जहाँ पिछली बार मुकाबला बेहद कांटे का था। पार्टी बूथ समितियों के पुनर्गठन, लाभार्थी संपर्क अभियान, नए मतदाताओं तक पहुंच और सहयोगी दलों के साथ तालमेल को मज़बूत करने पर जोर दे रही है।
🚲समाजवादी पार्टी
समाजवादी पार्टी (सपा) छोटी हार को बड़ी जीत में बदलने का मंसूबा लेकर चुनाव में उतरेगी। समाजवादी पार्टी का मानना है कि 2022 में जिन सीटों पर हार का अंतर कुछ सौ या कुछ हज़ार वोट का ही था, वहाँ थोड़ी बेहतर संगठनात्मक तैयारी और सामाजिक समीकरण उसे बढ़त दिला सकते हैं। पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति के ज़रिए इन्हीं सीटों पर विशेष फोकस कर रही है।
🦣बहुजन समाजवादी पार्टी
बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) की कोशिश उत्तर प्रदेश में कमबैक करने की रहेगी। बसपा अपने परंपरागत वोट बैंक को फिर से सक्रिय कर करीबी मुकाबले वाली सीटों पर वापसी की संभावना तलाश रही है।
✋कांग्रेस
कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव में कमबैक की कोशिश में रहेगी। इसके लिए कांग्रेस अपने संगठन विस्तार और स्थानीय नेतृत्व को मज़बूत कर उन क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जहाँ त्रिकोणीय मुकाबला बन सकता है।
एसआईआर का बड़ा असर
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों के एसआईआर में 2.86 करोड़ नाम मतदाता सूची से काटे गए थे। अप्रैल 2026 में संशोधित सूची के अनुसार 2.5 करोड़ नाम कटे हैं। ऐसी अनेक सीटें हैं, जहाँ पर जीत के अंतर से ज़्यादा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इनमें 50 से ज़्यादा ऐसी सीटें भी हैं, जिनमें करीब डेढ़ दर्जन सीटों पर जीत-हार का अंतर 5,000 वोट से भी कम रहा था। ऐसे में कई सीटों का पूरा गणित बदल जाएगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। वर्तमान विधानसभा (2022 के चुनाव के बाद हुए कुछ बदलावों सहित) में दलों की स्थिति संक्षेप में इस प्रकार है:
विकिपीडिया के अनुसार
भाजपा (BJP) – 257
समाजवादी पार्टी (SP) – 101
अपना दल (एस) – 13
राष्ट्रीय लोक दल (RLD) – 9
सुभासपा (SBSP) – 6
निषाद पार्टी – 5
कांग्रेस – 2
जनता दल (लोकतांत्रिक) – 2
बहुजन समाज पार्टी (BSP) – 1
निर्दलीय – 4
रिक्त सीटें – 3
बहुमत का आंकड़ा: 202 सीटें।
Vijay Singh Beniwal
संगरिया की आवाज़