
खरसिया सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत
▪️आक्रोशित परिजनों ने किया चक्काजाम, 1 करोड़ मुआवजे की मांग
बयार/खरसिया। खरसिया सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 27 वर्षीय युवक पदुम शर्मा की मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग करते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया का भी विरोध किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रीवा का रहने वाला पदुम शर्मा का खरसिया सिविल अस्पताल के बाहर चाय की दुकान लगाकर अपना जीवन-यापन करता था। पाइल्स की समस्या के उपचार के लिए वह अस्पताल में भर्ती हुआ था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि उपचार और ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण युवक की जान गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है। बताया जा रहा है कि युवक का ऑपरेशन डॉ. वीएस. राठिया द्वारा किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने बताया कि आक्रोशित लोग फिलहाल पोस्टमार्टम नहीं होने दे रहे हैं और 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहा है।
सीएमएचओ ने भी मौत की पुष्टि की है कि युवक की मौत ऑपरेशन के बाद हुई है। फिलहाल पूरे मामले पर जांच की जा रही है और प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना है। अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिस चिकित्सक द्वारा मृतक का ऑपरेशन किए जाने की बात सामने आ रही है, वह पूर्व में भी चर्चाओं में रहे हैं। करीब तीन वर्ष पहले भी डॉ. बी.एम. राठिया कथित किडनी प्रत्यारोपण प्रकरण को लेकर सुर्खियों में आए थे। हालांकि वर्तमान मामले का उस प्रकरण से कोई प्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं हुआ है। इसके बावजूद युवक की मौत के बाद प्रदर्शनकारी पुराने मामले का भी उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
▪️दोषी डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कर सस्पेंड करने की मांग
परिजनों ने बताया कि डॉ बीएम राठिया जो ऑपरेशन कर रहे थे वे ही अस्पताल प्रभारी हैं। ऐसे में उन्हें संदेह है कि उनके अपनों/साथी डॉक्टर पीएम रिपोर्ट को भी अपने अनुकूल बनाने में सहायक होंगे।