
देहदान के लिए वर्षों से जागरूकता फैला रहे संत सौरभ व डॉ. रागिनी पाण्डेय
सर्वधर्म सद्भाव और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश देते हुए लोगों से किया देहदान का संकल्प लेने का आह्वान
#गोरखपुर। संत डॉ. सौरभ पाण्डेय और उनकी पत्नी डॉ. रागिनी पाण्डेय पिछले कई वर्षों से समाज में देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने का अभियान चला रहे हैं। दोनों स्वयं देहदान का संकल्प लेकर लोगों को इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद भी मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मानव सेवा के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
संत डॉ. सौरभ पाण्डेय ने कहा कि देहदान मानवता के प्रति अंतिम सेवा है। जैसे रक्तदान किसी का जीवन बचाने में सहायक होता है, उसी तरह देहदान से मेडिकल छात्रों को अध्ययन का अवसर मिलता है और चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सामाजिक, शैक्षिक और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कर लोगों के बीच देहदान से जुड़े भ्रम दूर किए जा रहे हैं। इस अभियान में डॉ. रागिनी पाण्डेय भी सक्रिय रूप से लोगों को जागरूक कर रही हैं।
संत डॉ. सौरभ पाण्डेय ने कहा कि सर्वधर्म सद्भाव और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना को जन-जन तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। इसी सोच के साथ वे शिक्षा, सेवा, रक्तदान, देहदान और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में देहदान का संकल्प लेने और मानव सेवा के इस कार्य में सहभागी बनने की अपील की। उनका कहना है कि मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा करना जीवन का सर्वोच्च योगदान हो सकता है।
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